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जमशेदपुर : प्राइवेट स्कूलों में बीपीएल बच्चों की 113 सीटें खाली, सात महीने में दो राउंड की लॉटरी के बाद भी सीटें नहीं भरी गई

Updated at : 08 Jul 2024 11:16 PM (IST)
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जमशेदपुर में दोनों राउंड के बाद भी जिले के स्कूलों में 113 बच्चों की सीटें खाली हैं. जबकि अब भी कई बच्चे स्कूल से बाहर हैं. एडमिशन की आस में हैं.

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जमशेदपुर शहर के प्राइवेट स्कूलों में गरीब व अभिवंचित वर्ग के बच्चों के एडमिशन के कुल 113 सीटें खाली रह गयी है. उपायुक्त की अध्यक्षता में दूसरे राउंड की लॉटरी में जिन 143 विद्यार्थियों का नाम जारी किया गया, उनका एडमिशन अब तक नहीं हो सका है. जबकि जुलाई का महीना चल रहा है. जुलाई के अंत तक सभी बच्चों का एडमिशन होने की संभावना है. अगर उक्त सभी बच्चों का एडमिशन जुलाई के अंत तक हो भी जाता है तो इसका सीधा असर बच्चों के पठन-पाठन पर पड़ेगा. क्योंकि उनका कोर्स तीन माह आगे निकल चुका होगा. दिसंबर माह से गरीब एवं अभिवंचित वर्ग के बच्चों के एडमिशन की प्रक्रिया चल रही है. करीब सात माह के बाद भी स्थिति यह है कि अब तक सभी बच्चों का एडमिशन नहीं हो सका है. इस बार बच्चों के दस्तावेजों की जांच में काफी देरी हुई. जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय से तय समय पर दस्तावेजों को विभिन्न कार्यालय भेज देने के बाद भी उनकी जांच रिपोर्ट नहीं आ सकी. इसके बाद पहली बार बीपीएल बच्चों के एडमिशन को भी लॉटरी के जरिए किया गया. अब तक ऐसा नहीं होता था. इस पूरी प्रक्रिया को संपादित करने में देरी का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है.

दो राउंड में हुई है लॉटरी

शहर के प्राइवेट स्कूल में गरीब एवं अभिवंचित वर्ग में बच्चों के एडमिशन के लिए आरक्षित 25 फीसदी सीटों में एडमिशन के लिए कुल 1504 सीटें हैं. पहले राउंड में कुल 1248 बच्चों की लॉटरी हुई. जबकि दूसरे राउंड में कुल 143 बच्चों की लॉटरी हुई. यानी दोनों राउंड के बाद भी जिले के स्कूलों में 113 बच्चों की सीटें खाली हैं. जबकि अब भी कई बच्चे स्कूल से बाहर हैं. एडमिशन की आस में हैं.

डीएवी पब्लिक स्कूल बिष्टुपुर में 43 बच्चों की लिस्ट भेजी, लिया सिर्फ सात, नोटिस

डीएवी पब्लिक स्कूल बिष्टुपुर के खिलाफ जिला शिक्षा अधीक्षक की ओर से शोकॉज नोटिस जारी की गयी है. इस नोटिस में स्कूल प्रबंधन को सरकार के गाइडलाइन को मानने को कहा गया है. साथ ही इंट्री क्लास में बच्चे के एडमिशन की उम्र सीमा की आरटीइ के नियमों के अनुसार व्याख्या भी की गयी है. जानकारी के अनुसार जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय से कुल 43 बच्चों का नाम चयनित कर स्कूल प्रबंधन को भेजा गया. जिसमें सिर्फ सात बच्चे का ही एडमिशन स्कूल प्रबंधन की ओर से किया गया. उम्र सीमा व दूरी के आधार पर बच्चों का एडमिशन नहीं लिया जा रहा है. पिछले साल भी इसी फार्मूले पर बच्चों का एडमिशन नहीं लिया गया था.

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Kunal Kishore

लेखक के बारे में

By Kunal Kishore

कुणाल ने IIMC , नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा की डिग्री ली है. फिलहाल, वह प्रभात खबर में झारखंड डेस्क पर कार्यरत हैं, जहां वे बतौर कॉपी राइटर अपने पत्रकारीय कौशल को धार दे रहे हैं. उनकी रुचि विदेश मामलों, अंतरराष्ट्रीय संबंध, खेल और राष्ट्रीय राजनीति में है. कुणाल को घूमने-फिरने के साथ पढ़ना-लिखना काफी पसंद है.

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