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Ganesh Puja 2022 : झारखंड के जमशेदपुर में कदमा मेला के आयोजन को लेकर ऐसे हो रही पैसे की उगाही

Updated at : 31 Aug 2022 6:02 AM (IST)
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Ganesh Puja 2022 : झारखंड के जमशेदपुर में कदमा मेला के आयोजन को लेकर ऐसे हो रही पैसे की उगाही

Ganesh Puja 2022: जमशेदपुर के कदमा मैदान में बाला गणपति विलास (बीजी विलास) की ओर से आयोजित किये जा रहे 102 वर्ष पुराने गणेश पूजा महोत्सव की गौरवशाली परंपरा को कुछ लोग दागदार कर रहे हैं. आयोजन समिति में शामिल कुछ लोगों ने मेला आयोजन के नाम पर लाखों रुपये की वसूली का आरोप लग रहा है.

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Ganesh Puja 2022: जमशेदपुर के कदमा मैदान में बाला गणपति विलास (बीजी विलास) की ओर से आयोजित किये जा रहे 102 वर्ष पुराने गणेश पूजा महोत्सव की गौरवशाली परंपरा को कुछ लोग दागदार कर रहे हैं. आयोजन समिति में शामिल कुछ लोगों ने मेला आयोजन के नाम पर लाखों रुपये की वसूली का आरोप लग रहा है. प्रभात खबर की ओर से की गयी पड़ताल में यह खुलासा हुआ है. पता चला है कि जमशेदपुर सीओ से 5000 रुपये प्रतिदिन की दर पर मैदान आवंटित कराकर लाखों रुपये की धनउगाही की गयी है. मेले में दुकान लगाने के लिए 500 रुपये स्क्वायर फीट की दर पर जमीन आवंटित की गयी है. वहीं, दुकानदारों को जमीन अलॉट करने की रसीद देने के बदले मनमाने तरीके से 500 से 10,000 रुपये तक के चंदे की रसीद काट दी गयी है. बाहर से आने वाले दुकानदारों से बिचौलियों ने 800 से 1000 रुपये स्क्वायर फीट की दर से पैसे वसूले हैं. प्रभात खबर के पास इस पूरे मामले का वीडियो फुटेज मौजूद है. इसमें दुकानदारों की ओर से सच्चाई बयां की गयी है. इस तरह पूजा समिति के कुछ लोगों ने राज्य सरकार के लाखों रुपये के टैक्स की चोरी भी कर ली है.

आयोजन का कवरेज करने गयी प्रभात खबर की टीम ने जब दुकानदारों से बात की, तो पूरे खेल का पता चला. दुकानदारों ने बताया कि 500 रुपये स्क्वायर फीट के हिसाब से कमेटी ने जगह दी है. इसके बदले कुछ और बिचौलिये 800 से 1000 रुपये स्क्वायर फीट के हिसाब से वसूली कर रहे हैं. कमेटी के लोगों ने दुकानदारों को चंदा के अलावा भुगतान की जाने वाली राशि के बारे में बोलने से सख्त से मना किया है. दुकानदारों ने बताया कि दुकान के लिए जमीन आवंटित करने का दायित्व कमेटी ने टी अंजी राव को दे रखा है. मेले में नीचे बैठकर फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों तक से 1500 से 3000 रुपये वसूले गये हैं. 500 स्क्वायर फीट के हिसाब से 20 बाई 20 की जगह के लिए 20 हजार रुपये लग रहे हैं. इसमें बड़ा झूला भी शामिल है. मेले में 150 से अधिक बड़ी दुकानें लगी हैं. इसके अलावा ठेला, झूला समेत अन्य छोटी-छोटी दुकानें अलग हैं. 100 सालों से पूजा और मेले के आयोजन से होने वाली आय पर कमेटी मौन है.

कोरोना के कारण यहां दो साल बाद मेला लग रहा है. यहां झूला लगाने वाले और अन्य दुकानदारों को बड़ी कमाई होने की बात कहकर अधिक से अधिक एडवांस वसूला गया है. एडवांस व लेन-देन में साफ रहने वाले दुकानदारों, खेल करतब, झूला लगाने वालों को स्थान आवंटन में प्राथमिकता दी जा रही है. बताया जाता है कि मेला की इंचार्जी लेने के लिए पूजा कमेटी में भी बोली लगती है. इसमें यह देखा जाता है कि कौन ज्यादा वसूल सकता है. निगरानी व सहयोग के लिए गठित मेला कमेटी 19 दिनों तक सक्रिय रहती है. पूजा कमेटी के लोग और दुकानदार 19 दिनों के अंतराल में आपसी विश्वास से सहयोग राशि तय करते हैं.

102 साल पुरानी संस्था बीजी विलास कमेटी में अराजक स्थिति बनी हुई है. मेला आयोजन से जुड़ी जानकारी लेना आसान नहीं है. वर्तमान महासचिव टी अंजी राव से आयोजन की जानकारी लेने का प्रयास किया गया, तो यह कहकर फोन काट दिया कि मेले में व्यस्त हैं. वरिष्ठ सदस्य एम कनका राव प्रभात खबर का नाम सुनते ही फोन बंद कर देते हैं. इतने बड़े सार्वजनिक आयोजन की जानकारी भी मीडिया से साझा करने को लेकर किसी को जिम्मेदारी नहीं दी गयी है. संस्था के अध्यक्ष रहे केजे राव की कमी लोगों को खल रही है. वे मृदुभाषी थे. उनके काम करने तरीका और सोच अच्छी थी. करीब 25 सालों तक संस्था का संचालन उन्होंने किया और गणेश पूजा को वटवृक्ष बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. उनके कार्यकाल में ऐसी स्थिति कभी नहीं आयी. वर्तमान कमेटी की अराजक स्थिति मेले को प्रभावित कर रही है.

धातकीडीह निवासी बाबूभाई मेले में 35 साल से झूला लगा रहे हैं. उन्होंने बिजली झूला, चांद तारा झूला एवं ड्रैगन झूला लगाया है. उन्होंने कहा कि कोविड काल में मेला नहीं लगने से वे कर्ज में डूब गये हैं. 40 स्टाफ को मैनेज करना मुश्किल हो रहा था. मेले का आयोजन होते रहा, तो रिकवर होने में एक-दो साल लगेंगे. अभी रेट तय नहीं हुआ है, लेकिन पिछली बार 50 रुपये का टिकट था. इस बार कितनी कमाई होगी, यह समय ही बतायेगा, वहीं यूपी के बुलंदशहर से आये शिव कुमार 22 साल से मेले में स्टॉल लगा रहे हैं. वे बताते हैं कि उनके बनाये खाजा की मेले में काफी डिमांड रहती है. खाजा तैयार करना उनका पुश्तैनी काम है. कोरोना के कारण दो साल बाद आये हैं. कोविड काल में काम छोड़कर खेती-बारी जुटे हुए थे. उम्मीद है इस बार में अच्छी कमाई होगी.

गोलमुरी केंद्र के फायर ऑफिसर बुधराम उरांव ने कहा कि कदमा गणेश पूजा कमेटी से आये आवेदन पर अग्निशमन विभाग ने जांच की है. पूजा पंडाल और मेले में कई जगहों पर अग्निशमन यंत्र, बालू रखने को कहा गया है. दमकल के प्रवेश के लायक स्थान बनाये रखने को कहा गया है. दोपहर तीन बजे से रात 11 बजे तक हर दिन दमकल की गाड़ी तैनात रहेगी. गणेश पूजा पंडाल के लिए 25 कमेटियों ने आवेदन दिया है. सभी की जांच कर एनओसी दी गयी है.

बाल गणपति बिलास कदमा के अध्यक्ष आनंद राव ने कहा कि कोई दुकानदार अगर ज्यादा जगह लेकर किसी को दुकान लगाने देता है, तो उसकी जानकारी मुझे नहीं है और ना ही उससे मुझे मतलब है. चूंकि कमेटी संबंधित दुकानदार को ही जानती है, जिसे जगह दी गयी है. पांच सौ रुपये लेकर कमेटी द्वारा दुकान अलॉट करने की बात गलत है. कमेटी द्वारा इस तरह कोई भी कार्य नहीं किया जाता है. दुकानदारों से मेले के उपरांत कमेटी की ओर से मामूली चंदा ही लिया जाता है.

रिपोर्ट : कुमार आनंद/राजमणि सिंह, जमशेदपुर

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