सुनो साहब! जब अपनी जिम्मेदारी पर ही गाड़ी पार्क करनी है, तो पार्किंग शुल्क क्यों

Updated at : 15 Jan 2020 12:06 PM (IST)
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सुनो साहब! जब अपनी जिम्मेदारी पर ही गाड़ी पार्क करनी है, तो  पार्किंग शुल्क क्यों

निखिल सिन्हा जमशेदपुर : जेएनएसी से ठेका लेने के बाद ठेकेदार अब पार्किंग में वाहनों की जिम्मेदारी नहीं लेकर सिर्फ वसूली में लगे हुए हैं. पार्किंग में गाड़ी लगाने के बाद ठेकेदार के गुर्गे जो पर्ची थमाते हैं, उसमें साफ-साफ लिखा है कि वाहन की उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है और दोपहिया वाहन को चेन […]

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निखिल सिन्हा

जमशेदपुर : जेएनएसी से ठेका लेने के बाद ठेकेदार अब पार्किंग में वाहनों की जिम्मेदारी नहीं लेकर सिर्फ वसूली में लगे हुए हैं. पार्किंग में गाड़ी लगाने के बाद ठेकेदार के गुर्गे जो पर्ची थमाते हैं, उसमें साफ-साफ लिखा है कि वाहन की उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है और दोपहिया वाहन को चेन से बांध कर रखें.

एक वाहन चालक की शिकायत पर प्रभात खबर की टीम ने मंगलवार को शहर के विभिन्न पार्किंग स्थलों की पड़ताल की, तो पता चला कि खुलेआम मनमानी चल रही है. अगर कोई वाहन चालक किसी पार्किंग कर्मी से इस बारे में पूछताछ करता है, तो बदतमीजी पर उतारू हो जाता है.

पर्ची देने के बाद गायब हो जाते हैं कर्मचारी : आम तौर पर देखा जाता है कि पार्किंग के पास गाड़ी खड़ी करते वक्त पार्किंग कर्मचारी गाड़ी के पास आते हैं और शुल्क की पर्ची देकर चले जाते हैं. वहीं, पार्किंग से गाड़ी निकालते वक्त कर्मचारी पर्ची की जांच करने भी नहीं आते है. पर्ची में गाड़ी नंबर भी कर्मचारी नहीं लिखते हैं, ऐसे में कोई भी गाड़ी आसानी से निकाल कर ले जा सकता है. इस संबंध में कई बार पार्किंग ठेकेदारों से आम लोगों की बहस भी हो चुकी है. कई बार मारपीट की नौबत भी आयी है, लेकिन उसमें कोई सुधार नहीं हुआ.
100-100 मीटर पर बदल जाती है पार्किंग: इसी तरह बाजारों में अलग-अलग तीन जगहों पर हमें काम हो, तो हमें तीनों जगहों पर अलग-अलग पार्किंग शुल्क देना होता है, जबकि होना ये चाहिए कि यदि पार्किंग शुल्क ही वसूला जा रहा है, ताे दिन में एक बार वसूला जाना चाहिए और हम शहर के किसी भी बाजार में एक ही बार शुल्क देने के बाद गाड़ी पार्क कर सकें, लेकिन ऐसा नहीं होता है.
दरअसल, जमशेदपुर अक्षेस से ठेकेदार बोली लगाकर टेंडर भरते हैं आैर फिर उस क्षेत्र में अपने कर्मचारियों को रख कर वाहन खड़ी करने वालों से शुल्क वसूलते हैं. इसके बदले में उनकी ओर से काेई जिम्मेदारी नहीं ले जाती है. प्रभात खबर ने जब पार्किंग ठेकेदार से पूछा, तो उसने बताया कि गाड़ी चोरी होने पर पुलिस के पास शिकायत करें. उसमें हमलोग कोई मदद नहीं कर सकते हैं. लोग हैंडिल लॉक के अलावे चेन लाॅक का भी प्रयोग करें. हालांकि पार्किंग से कोई गाड़ी चोरी नहीं होती है, लेकिन फिर भी चोरी का मामला होने पर पुलिस के पास ही जाने का नियम है.
ठेकेदार की है जिम्मेदारी
अगर पार्किंग से गाड़ी चोरी होती है, तो उसकी जवाबदेही ठेकेदार की होती है. जेएनएसी द्वारा पार्किंग को लेकर एक सामान्य गाइडलाइन जारी की जायेगी. ताकि किसी को पार्किंग में परेशानी नहीं हो. साथ ही पार्किंग में लगने वाली गाड़ी को सुरक्षित किया जा सके.
कृष्ण कुमार, विशेष पदाधिकारी, जेएनएसी
पार्किंग कर्मी ने जुस्को के कर्मचारी को मारा चाकू , बाइक खड़ी करने को लेकर हुआ विवाद
पार्किंग में बढ़ी गुंडागर्दी, पिछले एक माह में तीसरी बार हुई मारपीट
जमशेदपुर. साकची के एसएनपी एरिया स्थित केएफसी के पास पार्किंग को लेकर विवाद में पार्किंग कर्मी ने जुस्को कर्मी सैफी को चाकू मार दिया. चाकू सैफी को पीठ में लगी है. सूचना मिलने पर पीसीआर मौके पर पहुंची और दो पार्किंग कर्मियों को हिरासत में लेकर थाने लायी. घायल धातकीडीह निवासी सह जुस्को कर्मी सैफी का इलाज एमजीएम में कराया गया. इधर, घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से थाने में लिखित शिकायत की गयी है. घायल सैफी अली ने बताया कि वह केएफसी के पास सड़क पर अपनी बाइक खड़ी कर साथी केके सिंह के साथ किसी परिचित का इंतजार कर रहे थे, तभी पार्किंग का एक कर्मचारी वहां पहुंचा और बाइक हटाने को कहा. इस पर दोनों के बीच बहस हो गयी. कर्मचारी ने अपने अन्य सहयोगियों को वहां बुला लिया. मौके पर आठ-दस युवक पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए उनकी पिटाई शुरू कर दी. इसी दौरान किसी ने उनकी पीठ पर चाकू से वार कर दिया. पुलिस ने मामले में पार्किंग ठेकेदार शिबू सिंह के भाई विक्रम सिंह और एक अन्य कर्मचारी वासिफ अली को हिरासत में लिया है.
गाड़ी खड़ी करने को लेकर उलझ रहे हैं पार्किंग कर्मी
साकची पार्किंग एरिया में आये दिन गाड़ी खड़ी करने को लेकर झगड़ा व मारपीट की घटना हो रही है. पिछले एक माह में मारपीट का यह तीसरा मामला है. पार्किंग कर्मी आम लोगों से उलझ रहे हैं और मारपीट की घटना तक अंजाम दे रहे हैं. साकची केएफसी के पास पार्किंग में हुए मारपीट मामले में पार्किंग कर्मचारी वाशिफ अली ने साकची थाने में धातकीडीह के सैफी के खिलाफ लिखित शिकायत की है. दर्ज शिकायत में बताया है कि मंगलवार की दोपहर करीब 1.30 बजे वह पार्किंग का काम कर रहा था. इसी बीच दो बाइक पर नशे की हालत में युवक पहुंचे और बाइक गलत ढंग से खड़ा कर दी. इस पर मैंने बाइक सही तरीके से लगाने को कहा, गाली-गलौज करने लगे. मारपीट के क्रम में उन्होंने जेब से करीब चार-पांच सौ रुपये भी निकाल लिये. इसके बाद मैंने पार्किंग संचालक के भाई विक्रम सिंह को बुलाया. युवकों ने उनके साथ भी हाथा-पायी की.
क्या कहते हैं आम लोग
जिस प्रकार पार्किंग में शुल्क लिया जाता है, तो वहां लगने वाले वाहनों की जिम्मेदारी भी उसकी है. पार्किंग ठेकेदाराें की यह पूरी जिम्मेदारी होनी चाहिए कि अगर गाड़ी को क्षति होती है, तो उसका हर्जाना दे.
रवि मांझी, भुइयांडीह
पार्किंग में लोग गाड़ी सुरक्षित रखने के लिए लगाते हैं. वरना सड़क किनारे, तो पूरी जगह खाली है. ऐसे में गाड़ी चोरी होनी या क्षतिग्रस्त होनी गंभीर बात है. पार्किंग कर्मचारियों की यह जिम्मेदारी होना चाहिए कि उनके पार्किंग में खड़ी गाड़ी को वह सुरक्षित रखें.
उत्तम सिंह, मानगो
पार्किंग में गाड़ी खड़ी होने के बाद पूरी जिम्मेदारी पार्किंग कर्मचारियों की होनी चाहिए. लोग पार्किंग में इसलिए गाड़ी खड़ी करते हैं कि उनकी गाड़ी सुरक्षित रहे, न कि वह चोरी हो जाये. पार्किंग कर्मचारियों को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए.
एसके राव, गोलमुरी
पार्किंग संचालक को पार्किंग की व्यवस्था ऐसी करनी चाहिए, जिसमें इन और आउट गेट हो, ताकि गाड़ी प्रवेश और निकासी के वक्त पर्ची की जांच की जा सके. पार्किंग में गाड़ी को सुरक्षित रखने के लिए लगायी जाती है. इसकी जवाबदेही पार्किंग कर्मचारियों की होनी चाहिए.
विवेक कुमार, काशीडीह
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