एमजीएम अस्पताल में इलाज के दौरान कुपोषित बच्ची की मौत
Updated at : 22 Aug 2019 8:28 AM (IST)
विज्ञापन

जमशेदपुर : एमजीएम के एनआइसीयू में इलाज करा रही आठ माह की कुपोषित बच्ची उषा रानी महाली की बुधवार की सुबह लगभग आठ बजे मौत हो गयी. वह बोड़ाम के पोटकाडीह की रहने वाली थी. मौत की जानकारी मिलते ही परिजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. देखते ही देखते शिशु वार्ड के पास लोगों […]
विज्ञापन
जमशेदपुर : एमजीएम के एनआइसीयू में इलाज करा रही आठ माह की कुपोषित बच्ची उषा रानी महाली की बुधवार की सुबह लगभग आठ बजे मौत हो गयी. वह बोड़ाम के पोटकाडीह की रहने वाली थी. मौत की जानकारी मिलते ही परिजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया.
देखते ही देखते शिशु वार्ड के पास लोगों की भीड़ लग गयी. पिता गोपीनाथ महाली ने बताया कि बच्ची को पिछले शनिवार को टेल्को स्थित कुपोषण उपचार केंद्र में भर्ती कराया गया. शरीर में खून की कमी होने के कारण सोमवार की सुबह एमजीएम अस्पताल में भर्ती किया गया. डॉक्टरों ने जांच के बाद पाया कि उसके शरीर में चार ग्राम खून है. आठ माह की बच्ची का वजन सिर्फ पांच किलो था. इसके साथ ही सिवियर एनीमिया के साथ डायरिया हो गया. उसको खून चढ़ाया गया. इसके बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका.
बस्ती के लोगों ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में जांच के नाम पर कुछ भी नहीं होता है. कभी-कभी कुछ पौष्टिक आहार मिलता है. बच्ची की मां सस्ताबली महाली जब गर्भवती थी, तो पास के ही आंगनबाड़ी केंद्र पर जांच कराती थी, लेकिन उन्हें नियमित रूप से पौष्टिक भोजन नहीं मिल पाता था. सस्ताबली व उनके पति गोपीनाथ महाली मजदूरी करते हैं, सस्ताबली की यह दूसरी बेटी थी.
जुलाई में 204 अति कुपोषित बच्चों की हुई थी पहचान. जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा जुलाई में 204 अति कुपोषित बच्चों की पहचान की गयी थी, जिसमें सिर्फ 82 बच्चों को ही एमटीसी सेंटर भेजा था. बाकी को जरूरत के हिसाब से भेजा जा रहा था. जिला समाज कल्याण विभाग की पदाधिकारी सत्या ठाकुर ने बताया कि इस संबंध में अभी किसी प्रकार की कोई रिपोर्ट विभाग को नहीं मिली है. इसकी रिपोर्ट मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है.
बच्ची को अस्पताल लाने से पूर्व कुपोषण उपचार केंद्र टेल्को में भर्ती कराया गया. वहां बच्ची की स्थिति गंभीर होने पर एमजीएम भेज दिया गया, जिसका अस्पताल के एनआइसीयू में इलाज चल रहा था. बच्ची की हीमोग्लोबिन मात्र चार ग्राम होने के कारण खून चढ़ाया गया, लेकिन बच्ची की स्थिति ज्यादा खराब होने के कारण उसको नहीं बचाया जा सका.
डॉ अजय राज, शिशु रोग विशेषज्ञ
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




