जमशेदपुर : वित्त सलाहकार को शो-कॉज जारी करने का सिंडिकेट ने लिया फैसला

जमशेदपुर : कोल्हान विवि में नया बवंडर उठा है. सिंडिकेट ने विवि को हुए20 से 70 लाख तक अनुमानित घाटे का हवाला देते हुए वित्त सलाहकार मधुसूदन को कारण बताओ नोटिस जारी करने का बेहद अहम फैसला ले लिया है. तर्क दिया गया है कि वित्त सलाहकार (एफए) के निर्णय से विवि को वित्तीय नुकसान […]
जमशेदपुर : कोल्हान विवि में नया बवंडर उठा है. सिंडिकेट ने विवि को हुए20 से 70 लाख तक अनुमानित घाटे का हवाला देते हुए वित्त सलाहकार मधुसूदन को कारण बताओ नोटिस जारी करने का बेहद अहम फैसला ले लिया है. तर्क दिया गया है कि वित्त सलाहकार (एफए) के निर्णय से विवि को वित्तीय नुकसान हुआ है. बताया जा रहा है कि यह मामला करीब 10 करोड़ रुपये की विशेष निधि को जमा करने के लिए बैंक के चुनाव से जुड़ा है.
आरोप है कि एफए ने रजिस्ट्रार व वित्त पदाधिकारी की अनुशंसा की अनदेखी करते हुए कम ब्याज देने वाले एक सरकारी बैंक में विवि की राशि को जमा कर दिया. इसके ब्याज के मद में करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है. तर्क यह भी दिया गया है कि पूरे प्रकरण में हुई देरी के कारण करीब 50 लाख रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ है. बताया जा रहा है कि विवि के सिंडिकेट की मीटिंग में यह मामला एक सदस्य की ओर से उठाया गया.
इसमें कहा गया कि विवि को अपनी राशि जमा करने से पहले आरबीआई के अधीन संचालित होने वाले सरकारी व अर्ध सरकारी तथा प्राइवेट बैंक की ओर से दिये जाने वाले ब्याज का अध्ययन करना चाहिये. विवि के दो अधिकारियों ने सर्वाधिक ब्याज देने वाले बैंक में राशि जमा करने पर अपनी अनुशंसा दी. इसके विपरीत एफए ने अपेक्षाकृत एक फीसद कम ब्याज देने वाले सरकारी बैंक में विवि की राशि जमा करायी. इससे विवि को नुकसान हुआ. एफए ने तर्क दिया कि सरकारी राशि जमा करने के लिए सरकारी बैंक को प्राथमिकता मिलनी चाहिये. वहीं दूसरे पक्ष का कहना था कि ब्याज की राशि का तुलनात्मक अध्ययन कर सर्वाधिक लाभ देने वाले बैंक में पैसा जमा होना चाहिये. लिहाजा इस पूरे विवाद को देखते हुए सिंडिकेट ने वित्त सलाहकार से स्पष्टीकरण की मांग की.
उन्हें सिंडिकेट में अपना तर्क रखने के लिए कहा गया. दावा किया जा रहा है कि एफए ने कहा कि उन्होंने सबकुछ नियमों के आलोक में किया है. लिहाजा वह सिंडिकेट के दबाव में बैंक परिवर्तन का निर्णय नहीं कर सकते. विवि की राशि की सुरक्षा सर्वोपरी है. विवि में मचे कोहराम का खुलासा सिंडिकेट की बैठक में 24 घंटे बाद हुआ.
आलम यह रहा कि पूरे विवाद पर पर्दा डालने के लिए विवि ने अपनी सूचना में भी इससे से किनारा काट लिया. गुरुवार को इस मामले में वित्त सलाहकार मधुसूदन का पक्ष लेने के लिए उनके वाट्सएप्प नंबर से लेकर मोबाइल पर तक लगातार कई बार संपर्क किया गया. उन्होंने इस पूरे विवाद में मीडिया के सामने अपना पक्ष नहीं रखा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




