जमशेदपुर : सीवेज ट्रीटमेंट बढ़ाया जायेगा नालों का पानी होगा रिसाइकिल

Updated at : 07 Dec 2018 10:02 AM (IST)
विज्ञापन
जमशेदपुर : सीवेज ट्रीटमेंट बढ़ाया जायेगा नालों का पानी होगा रिसाइकिल

जमशेदपुर : शहर को जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिटी बनाने की दिशा में जुस्को सीवेज ट्रीटमेंट बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है. इसके तहत सभी नालों के पानी का रिसाइकिल और सभी सीवेज का ज्यादा से ज्यादा ट्रीटमेंट करने की क्षमता को विकसित किया जा रहा है. वर्तमान में रोजाना 30 मिलियन लीटर (एमएलडी) […]

विज्ञापन
जमशेदपुर : शहर को जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिटी बनाने की दिशा में जुस्को सीवेज ट्रीटमेंट बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है. इसके तहत सभी नालों के पानी का रिसाइकिल और सभी सीवेज का ज्यादा से ज्यादा ट्रीटमेंट करने की क्षमता को विकसित किया जा रहा है.
वर्तमान में रोजाना 30 मिलियन लीटर (एमएलडी) सीवेज का ट्रीटमेंट होता है, जबकि बारा और खरकई नदी पर बनाये गये ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 58 एमएलडी तक है. 28 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट को बढ़ाया जाना है. हाल ही में बारा की क्षमता भी बढ़ायी गयी है, ताकि पानी का रिसाइक्लिंग और ज्यादा हो सके.
शहर में पानी की होने वाली निकासी और जल मल का ट्रीटमेंट के लिए सीवेज नेटवर्क अत्याधुनिक ट्रीटमेंट प्लांट के साथ जोड़ा गया है. लंबाई बढ़ायी जा रही है और ऐसा नेटवर्क बनाया जा रहा है कि जहां से भी जल मल की निकासी होगी, वह सीधे प्लांट में जायेगी. प्रोजेक्ट का पहला चरण यानी खरकई के उपचारित तरल की रिसाइकलिंग और पुन: इस्तेमाल के लिए प्लांट स्थापित किया जा चुका है और इसका संचालन जारी है. यह प्रोजेक्ट उन कई उपायों में से एक है, जिसका लक्ष्य 10 एमएलडी की क्षमता वाले खरकई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में उपचारित सीवेज का 100 फीसदी रिसाइकल और पुन: प्रयोग करना है.
इसके अतिरिक्त उपचार (सेकेंड्री ट्रीटमेंट) और उचित कीटाणुशोधन के बाद संग्रहित सीवेज को 400 एमएम डायमीटर के 3.4 किलोमीटर वाले विशेष नेटवर्क के माध्यम से जयंती सरोवर में भेजा जाता है. इसके बाद एक विशेष पंपिंग सिस्टम के माध्यम से जयंती सरोवर से इस जल को जुबिली पार्क में बागवानी और रिवर पंप हाउस में औद्योगिक उद्देश्य के लिए भेजा जाता है. ऐसा सभी पार्क के लिए किया जा रहा है.
नये सिस्टम से नदी से प्रतिदिन पानी का दोहन करने की मात्रा में करीब 15 एमएलडी की कमी आयेगी. जुस्को ने शहर के कई स्थानों में वहां उत्पन्न सीवेज के संग्रह, उपचार, रिसाइकल और पुन: उपयोग के लिए कई पैकेज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (पीएसटीपी) की शुरूआत करने जा रही है, ताकि वहां जल मल वहीं पर निकासी हो और वहीं ट्रीटमेंट होकर वहीं पर इस पानी का इस्तेमाल भी हो जाये. सिंचाई के उद्देश्य से सीवेज और नालों के जल के रिसाइकल और पुन: उपयोग के लिए जुस्को ने 10 केएलडी से लेकर 1000 केएलडी की विभिन्न क्षमता वाले पीएसटीपी को सफलतपूर्वक स्थापित करना लगभग शुरू कर दिया है. इस पहल से 2.5 एमएलडी से अधिक रिसाइकिल वाले पानी का पुन: उपयोग किया जा रहा है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola