मनचाहा विभाग नहीं मिलने पर जूनियर डॉक्टरों ने किया हंगामा, काउंसेलिंग रद्द

Updated at : 21 Aug 2018 7:42 AM (IST)
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मनचाहा विभाग नहीं मिलने पर जूनियर डॉक्टरों ने किया हंगामा, काउंसेलिंग रद्द

जमशेदपुर : एमजीएम में जूनियर डॉक्टर के रूप में नियुक्ति के लिए चल रही काउंसेलिंग के दौरान मनचाहा विभाग नहीं मिलने से सोमवार को इंटर्न डॉक्टरों ने जमकर हंगामा किया. इस दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ एसी अखौरी व अस्पताल के अधीक्षक डॉ एसएन झा के समझाने पर भी डॉक्टर जब शांत नहीं हुए, […]

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जमशेदपुर : एमजीएम में जूनियर डॉक्टर के रूप में नियुक्ति के लिए चल रही काउंसेलिंग के दौरान मनचाहा विभाग नहीं मिलने से सोमवार को इंटर्न डॉक्टरों ने जमकर हंगामा किया. इस दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ एसी अखौरी व अस्पताल के अधीक्षक डॉ एसएन झा के समझाने पर भी डॉक्टर जब शांत नहीं हुए, तो काउंसेलिंग रद्द कर दिया गया.
एमजीएम में जूनियर डॉक्टरों की 47 पदों के लिए काउंसेलिंग होनी थी, लेकिन 23 ही आवेदन आने के कारण जिस विभाग में जितने डॉक्टर की जरूरत थी, उसके अनुसार नियुक्ति प्रक्रिया के तहत काउंसेलिंग हो रही थी. आवेदन कम आने के कारण तय किया गया था कि जिस विभाग में जितने की जरूरत है, वहां उतने जूनियर डॉक्टरों को नियुक्त किया जाये. इस बात को इंटर्न डॉक्टर मानने को तैयार नहीं थे और उन्होंने विरोध कर दिया. जानकारी के अनुसार कोई भी जूनियर डॉक्टर गायनिक विभाग में जाना नहीं चाहता है. इसके कारण ऐसी परेशानी हो रही है.
डॉक्टरों को ड्रेस में आने का निर्देश
जमशेदपुर. एमजीएम सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर व कर्मचारियों को ड्रेस में आने का आदेश विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे ने दिया है. जारी आदेश में स्वास्थ्य सचिव ने कहा है कि पदाधिकारियों के निरीक्षण के दौरान मरीजों व उनके परिजनों के बीच यह पता नहीं चल पाता है कि वह डॉक्टर हैं या कर्मचारी. निधि खरे ने जारी आदेश में कहा है कि बार-बार जारी आदेश के बावजूद डॉक्टरों व कर्मचारी ड्रेस कोड का पालन नहीं कर रहे. अब ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जायेगी.
एमजीएम अस्पताल के सात में से चार बायोमीट्रिक सिस्टम खराब
जमशेदपुर. एमजीएम में कर्मचारियों व डॉक्टरों को हाजिरी बनाने के लिए लगाये गये सात में से चार बायोमीट्रिक सिस्टम खराब हो गये है. इस कारण एक बार फिर से कर्मचारी व डॉक्टर मैनुअल हाजिरी बना रहे. स्वास्थ्य विभाग ने कर्मचारियों की लेट-लतीफी पर नजर रखने के लिए अस्पताल में बायोमीट्रिक सिस्टम लगाया था.
हालांकि कर्मचारियों का दावा है कि एक या दो दिन के बाद अक्सर सिस्टम खराब हो जाते हैं. एमजीएम अस्पताल में बायोमेट्रिक सिस्टम लगने से उन कर्मियों व डॉक्टरों को दिक्कत होती है जो विलंब से ड्यूटी आने के अलावा सप्ताह में तीन से चार दिन गायब रहते है. बायोमीट्रिक खराब होने से ऐसे लोग एक साथ पूरे सप्ताह की हाजिरी बना लेते हैं, जिसे देखने वाला कोई नहीं होता.
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