स्वतंत्रता सेनानी का दर्द : क्या इसीलिए मांगी थी आजादी...

Updated at : 15 Aug 2018 6:19 AM (IST)
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स्वतंत्रता सेनानी का दर्द : क्या इसीलिए मांगी थी आजादी...

छोटे-छोटे कामों में सरकारी कर्मी घूस मांग रहे हैं सड़क दुर्घटना के कारण राष्ट्रपति सम्मान लेने दिल्ली नहीं जा सके स्वतंत्रता सेनानी अखौरी बालेश्वर सिन्हा जमशेदपुर : जिले के वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी अखौरी बालेश्वर सिन्हा (91) आदित्यपुर में सड़क दुर्घटना (15 जुलाई 2018) के कारण नौ अगस्त को होनेवाले राष्ट्रपति एट होम कार्यक्रम में सम्मान […]

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छोटे-छोटे कामों में सरकारी कर्मी घूस मांग रहे हैं
सड़क दुर्घटना के कारण राष्ट्रपति सम्मान लेने दिल्ली नहीं जा सके स्वतंत्रता सेनानी अखौरी बालेश्वर सिन्हा
जमशेदपुर : जिले के वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी अखौरी बालेश्वर सिन्हा (91) आदित्यपुर में सड़क दुर्घटना (15 जुलाई 2018) के कारण नौ अगस्त को होनेवाले राष्ट्रपति एट होम कार्यक्रम में सम्मान लेने दिल्ली नहीं जा पाये. उक्त सड़क दुर्घटना के बाद 12 दिनों तक टाटा मुख्य अस्पताल में भरती थे.
पैर में चोट लगी थी. फिलहाल वे स्वस्थ्य व बैसाखी सहारे चल फिर रहे हैं. डॉक्टर ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है, इस कारण बिष्टुपुर गोपाल मैदान में बुधवार को हो रहे स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में शामिल नहीं हो पायेंगे. इधर, स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर स्वतंत्रता सेनानी अखौरी बालेश्वर सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि आजाद देश में छोटे-छोटे कामों में सरकारी पदाधिकारी व कर्मी घूस ले रहे है. प्रखंड कार्यालय की बात हो, या फिर कोई भी सरकारी दफ्तर, खुलेआम घूस व भ्रष्टाचार का बाजार लगा हुआ है. यह स्थिति दिन पर दिन बदतर होती जा रही है. बिना पैसे का कोई काम नहीं होने की स्थिति आ गयी है. आम जनता की चिंता किसी को नहीं है. कुछ मंत्री अधिकारी ठीक है,
लेकिन सरकार में मंत्री से लेकर जिम्मेवार अधिकारी नाक के नीचे गड़बड़ कर रहे हैं. ऐसे दिन की आजादी हमें नहीं चाहिए, शर्म आती है. श्री सिन्हा ने कहा कि गांव की छोड़िए, आम लोगों को शहर के कई बस्ती में पीने का साफ पानी नहीं मिल रहा है. उन्होंने नाम लिये बगैर कहा : आज के नेता चरित्रहीन है.
मंत्री व अधिकारी के बच्चे प्राइवेट स्कूलों में नामांकन ले रहे हैं, जबकि प्राइवेट स्कूलों में खुलेआम पैरवी अौर घूस लिया जा रहा है, लेकिन सरकारी स्कूल में कोई जाना नहीं चाहता. सरकार के मंत्री अौर अधिकारी की इस पर चुप्पी क्यों है. आखिर आमलोग कहां जायें, आजाद देश में मौलिक शिक्षा पाने के लिए आम लोग घूस देकर अंगरेजी स्कूलों में दाखिला के लिए दौड़ रहे हैं ये कैसी आजादी है. आज राज्य अौर राष्ट्र के सभी लोगों को इस पर मंथन करना पड़ेगा अौर सभी को देश के लिए आगे आना पड़ेगा, व्यवस्था को दुरुस्त करना पड़ेगा. तभी सही मायने में देश आजाद होगा.
कक्षा नौ में ही गांधी जी से प्रेरित थे : अखौरी बालेश्वर सिन्हा बताते है कि वे कक्षा नौ में ही थे स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक महात्मा गांधी से प्रेरित हो गये थे.
अंगरेजों के खिलाफ जन जागरण करने का काम हो या फिर टोली में घूम कर देशप्रेम का संदेश अपने लोगों तक पहुंचाने का काम बखूबी करते थे. वे बताते है कि स्वदेश का जन जागरण अभियान फैलाने के दौरान वर्ष 1945 में बक्सर बाजार में अंगरेज पुलिस ने उन्हें टोली के साथ घेराबंदी कर पकड़ा था. स्वतंत्रता आंदोलन अौर देशप्रेम दिलो-दिमाग पर इस कदर हावी था कि जेल से छूटने के बाद फिर अपनी टोली तैयार की अौर आंदोलन में जुड़ गये. फिर कभी अंगरेज पुलिस उन्हें पकड़ नहीं पायी.
एक परिचय
नाम: अखौरी बालेश्वर सिन्हा
उम्र: 91 वर्ष.
जन्म: बक्सर चुरामनपुर गांव, (बिहार).
जेल यात्रा
स्वतंत्रता आंदोलन के नायक महात्मा गांधी करो या मरो आंदोलन में 1945 में बक्सर में जेल गये. जेल में 6 माह 20 दिन रहे.
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