घाटशिला में RDA की ‘समृद्धि’ परियोजना का शुभारंभ, 5000 परिवारों की आय बढ़ाने का लक्ष्य

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परियोजना का शुभारंभ

RDA Samriddhi Project: घाटशिला में आरडीए और टाटा ट्रस्ट्स के सहयोग से ‘समृद्धि’ परियोजना की शुरुआत हुई. तीन वर्षों तक चलने वाली इस परियोजना के तहत 12 पंचायतों के 5,000 आदिवासी एवं वंचित परिवारों की आय बढ़ाने के लिए उन्नत सब्जी खेती, वैज्ञानिक बकरी पालन, सिंचाई और जल संसाधन विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा.

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घाटशिला से सिद्धार्थ आनंद की रिपोर्ट

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RDA Samriddhi Project: रूरल डेवलपमेंट एसोसिएशन (आरडीए) के तत्वावधान में मंगलवार को दाहीगोड़ा के एक होटल में टाटा ट्रस्ट्स, मुंबई के सहयोग से ‘समृद्धि’ परियोजना के शुभारंभ को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया. कार्यशाला में घाटशिला, डुमरिया और मुसाबनी प्रखंड की पंचायतों के पंचायत प्रतिनिधि, प्रगतिशील किसानों, महिला किसानों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.  

विधायक ने क्या कहा? 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि घाटशिला विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और गरीब परिवारों की आय बढ़ाने के लिए इस तरह की पहल सराहनीय है. कहा कि कई ऐसे काम हैं, जिन्हें सरकारी योजनाओं के साथ-साथ आरडीए संस्था भी आगे बढ़ा रही हैं. किसानों को चाहिए कि वे सरकारी योजनाओं एवं संस्था द्वारा उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से मजबूत बनें. 

दीप जलाकर हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ 

कार्यक्रम का उद्घाटन आरडीए की सचिव नंदनी बासु, टाटा ट्रस्ट के ग्रांट मैनेजर सुविमन मंडल, जिला पार्षद देवयानी मुर्मू, प्रमुख सुशीला टुडू, आरडीए के संस्थापक कंचन कर, भादुआ मुखिया श्याम चंद्र मानकी, आसना मुखिया मान सिंह हेंब्रम, सुरेंद्रनाथ हेंब्रम, मेघराय टुडू, बैद्यनाथ मुर्मू, डॉ सीमा सिंह, मनोज हेंब्रम समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इसके बाद सभी अतिथियों को अंग वस्त्र व पौधा देकर किया. कार्यक्रम की शुरुआत महिलाओं द्वारा स्वागत गीत से हुई. जबकि स्वागत भाषण कंचन कर ने की. आरडीए की सचिव नंदनी बोसु ने कार्यशाला में उपस्थित सभी प्रतिभागियों, जनप्रतिनिधियों एवं किसानों के विचार सुनने के बाद प्रसन्नता व्यक्त की. कहा कि क्षेत्र में आजीविका संवर्द्धन और किसानों के विकास को लेकर सराहनीय कार्य हो रहे हैं और सभी की सक्रिय भागीदारी से परियोजना के बेहतर परिणाम सामने आएंगे. 

तीन सालों तक चलेगी समृद्धि परियोजना 

वक्ताओं ने बताया कि समृद्धि परियोजना के तहत तीन वर्षों तक 12 पंचायतों के लगभग 5,000 आदिवासी एवं वंचित परिवारों के साथ कार्य किया जाएगा. परियोजना का मुख्य उद्देश्य उन्नत सब्जी खेती, बकरी पालन, सिंचाई एवं जल संसाधन विकास के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाना है. परियोजना के तहत घाटशिला, डुमरिया एवं मुसाबनी प्रखंड की पंचायतों को शामिल किया गया है. संस्था ने सर्वेक्षण में पाया कि चयनित क्षेत्रों के अधिकांश परिवार कृषि और पशुपालन पर निर्भर हैं, लेकिन पारंपरिक खेती पद्धति के कारण उनकी आय सीमित है. आरडीए के कार्यक्रम समन्वयक सुजय भट्टाचार्य ने बताया कि संस्था ने भुवनेश्वर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट के सहयोग से अध्ययन कराया था. अध्ययन में सामने आया कि चयनित क्षेत्रों के लगभग 65% परिवार अत्यंत गरीब श्रेणी में आते हैं और उनकी वार्षिक आय 25 से 30 हजार रुपये के बीच है. कहा कि अगले तीन वर्षों में कम से कम 80 प्रतिशत परिवारों की वार्षिक आय में 20 हजार रुपये तक की वृद्धि करने का लक्ष्य रखा गया है. मौके पर मुखिया सुरेंद्र नाथ हेंब्रम, डुमरिया के कृषि विज्ञान प्रभारी बिदू भूषण बोदरा, अनीता कुमारी, संदीप कुमार, तापस चटर्जी, गंधेश्वरी भगत, बेला कौर, शांति सोरेन, भवानी पातर और अन्य मौजूद थे.

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