प्रशासन ने बेरीकेडिंग कर सेविकाओं को रोका, कहीं नहीं जाने दिया गया
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
Updated:
विज्ञापन
जमशेदपुर : आंगनबाड़ी सेविकाओं का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा. मुख्यमंत्री के आवासीय कार्यालय से कुछ दूर स्थित एग्रिको ट्रांसपोर्ट मैदान में सैकड़ों आंगनबाड़ी सेविकाओं की मौजूदगी से पुलिस-प्रशासन की नींद उड़ गयी. आंदोलन को खत्म करने के लिए प्रशासन की सख्ती भी आंगनबाड़ी सेविकाओं को नहीं डिगा सकी और वह […]
विज्ञापन
जमशेदपुर : आंगनबाड़ी सेविकाओं का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा. मुख्यमंत्री के आवासीय कार्यालय से कुछ दूर स्थित एग्रिको ट्रांसपोर्ट मैदान में सैकड़ों आंगनबाड़ी सेविकाओं की मौजूदगी से पुलिस-प्रशासन की नींद उड़ गयी. आंदोलन को खत्म करने के लिए प्रशासन की सख्ती भी आंगनबाड़ी सेविकाओं को नहीं डिगा सकी और वह मांगों के समर्थन में डटी हुई हैं.
भारतीय मजदूर संघ व आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले चल रहे धरना-प्रदर्शन का स्थल बदलकर उपायुक्त कार्यालय के सामने ले जाने का प्रयास भी प्रशासन की ओर से किया गया, लेकिन इसमें भी कामयाबी नहीं मिली. इस दौरान प्रशासनिक पदाधिकारियों व आंगनबाड़ी सेविकाओं के बीच कई बार नोक-झोंक की स्थिति आयी. आंगनबाड़ी सेविकाओं की जिद के आगे प्रशासन बैकफुट पर नजर आया. आंगनबाड़ी सेविकाओं ने स्पष्ट कह दिया कि वह किसी भी कीमत पर स्थल से नहीं जायेंगी और शांतिपूर्वक एग्रिको ट्रांसपोर्ट मैदान में मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी रखेंगी.
आंगनबाड़ी सेविका व सहायिका के धरना स्थल एग्रिको ट्रांसपोर्ट मैदान को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है. मैदान के चारों ओर पुलिस फोर्स तैनात है. आपात स्थिति के लिए वज्र वाहन भेजा गया था.
हक मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन : कृष्णा सिंह. भारतीय मजदूर संघ के नेता कृष्णा सिंह ने कहा कि यह आंदोलन तब तक चलेगा जब तक सेविका और सहायिका को सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं कर दिया जाता. सेविका का 18000 और सहायिका का वेतन 9000 होना चाहिए. उन्होंने कहा कि सेविका और सहायिका से छह के 36 तरह के सरकारी काम कराये जाते है, लेकिन सम्मानजनक मानदेय देने की बारी आती है तो उन्हें तरजीह नहीं मिलती.
एग्रिको हेल्थ एसोसिएशन ने सहयोग में बढ़ाया हाथ. आंगनबाड़ी सेविकाओं के आंदोलन को सामाजिक संस्था ने आगे बढ़कर सहयोग किया. एग्रिको हेल्थ एसोसिएशन के सदस्यों ने राज्य के विभिन्न स्थानों से आयी आंगनबाड़ी सेविकाओं को सुबह में चाय-बिस्कुट का अल्पहार बांटा. आंगनबाड़ी सेविकाएं बुधवार को पूरी रात भर एग्रिको मैदान में आंदोलन पर डटी हुई थी. रात को वह वहीं सोयी.
जेएनएसी ने भेजा चलंत शौचालय वाहन. सीतारामडेरा, सिदगोड़ा व एग्रिको क्षेत्र के सामाजिक संस्थानों ने आंगनबाड़ी सेविकाओं को अपना क्लब व सामुदायिक भवन उपलब्ध करा दिया था, ताकि उन्हें परेशानी न हो. वह नहाना-धोना कर सके. हालांकि जेएनएसी की ओर से भी एक चलंत शौचालय वाहन एग्रिको ट्रांसपोर्ट मैदान के पास भेजा गया था.
एसपी बोले – कम वेतन मिलता है, तो काम छोड़ दो, सेविकाएं बोलीं – आप हमारा दर्द क्या समझोगे. सिटी एसपी ने आंगनबाड़ी सेविकाओं से वार्ता में आंदोलन समाप्त करने को कहा. बातों ही बातों में एसपी ने कह दिया कि केम वेतन पर काम करने की मर्जी नहीं है, तो काम छोड़ दीजिए. यह सुनकर सेविकाएं भड़क गयीं. उन्होंने कहा कि आपको ज्यादा वेतन मिलता है, इसलिए वह खुश हैं. हम सम्मानजनक वेतन ही तो मांग रहे हैं.
धूप में भी छाता लेकर बैठी रही सेविकाएं. दिन में तेज गर्मी के बीच आंगनबाड़ी सेविकाएं एग्रिको ट्रांसपोर्ट मैदान में छाता तानकर आंदोलन में डटी रही. केंद्र व राज्य सरकार के विरोध में उन्होंने नारे भी लगाये. मैदान में कुछ सेविकाएं प्रदर्शन स्थल पर जमी थी तो कुछ खाना बनाने में जुटी हुई थी. धरना स्थल से लेकर खाना बनाने का मोर्चा आंगनबाड़ी सेविकाओं ने खुद संभाल रखा था.
फोर्स ने एसडीओ के पास नहीं जाने दिया
प्रशासनिक पदाधिकारियों ने धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही महिलाओं को गिरफ्तार करने की चेतावनी दी, यह सुनकर सभी सेविकाएं एग्रिको टांसपोर्ट मैदान से सीतारामडेरा डीएलसी कार्यालय की आेर सड़क पर बैठ गयीं. वह अपनी मांग एसडीओ के समक्ष रखना चाह रही थीं, लेकिन महिला सुरक्षा बलों ने आंगनबाड़ी सेविकाओं को बीच में रोक लिया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










