एग्रिको लाइट सिग्नल से हटाये जाने को लेकर पुलिसकर्मियों और सेविकाओं में हुई जमकर बहस
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
Updated:
विज्ञापन
जमशेदपुर : अपनी 12 सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पर धरना देने पहुंची राज्यभर की आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं मिलने पर सिदगोड़ा व सीतारामडेरा थाना प्रभारी ने एग्रिको सिग्नल चौक से हटा दिया. साथ ही प्रदर्शन के लिए तैयार टेंट को भी हटा दिया. इस दौरान कार्रवाई किये […]
विज्ञापन
जमशेदपुर : अपनी 12 सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पर धरना देने पहुंची राज्यभर की आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं मिलने पर सिदगोड़ा व सीतारामडेरा थाना प्रभारी ने एग्रिको सिग्नल चौक से हटा दिया. साथ ही प्रदर्शन के लिए तैयार टेंट को भी हटा दिया. इस दौरान कार्रवाई किये जाने से भड़की सेविकाओं और पुलिसकर्मियों में जमकर नोक-झोंक हुई.
सीएम आवास पर सेविकाओं के प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने पहले से ही तैयारी कर रखी थी और मौके पर खुद एसपी सिटी प्रभात कुमार कैंप किये हुए थे. पुलिस ने सीएम आवास की ओर जाने वाले मार्ग पर बेरिकेड किया हुआ था, ताकि प्रदर्शनकारी उस ओर न जा सकें. पुलिसकर्मियों द्वारा सीएम आवास के 200 मीटर के अंदर लाइट सिग्नल के पास प्रदर्शन के लिए लगाये गये टेंट को हटा देने के बाद सेविकाएं एग्रिको ट्रांसपोर्ट मैदान में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गयी हैं.
कार्यालय के बाहर सुबह से ही तैनात थे सुरक्षाकर्मी. सेविकाओं के अनिश्चितकालीन धरना को देखते हुए मुख्यमंत्री के आवासीय कार्यालय के बाहर सुबह फोर्स तैनात कर दी गयी थी. प्रशासन को डर था कि कहीं सेविका आवासीय कार्यालय के सामने ही जाकर नहीं बैठ जाये.
मांग पूरी होने तक जारी रहेगा धरना : बालोमणी. प्रदर्शन के दौरान शाम चार बजे सेविकाओं ने मुख्यमंत्री के आवासीय कार्यालय में 12 सुत्री मांग पत्र सौंपा, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सेविकाओं ने धरना को जारी रखने का निर्णय लिया.
इस दौरान आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की महामंत्री बालोमणी बाखला ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाओं से सरकार अपना हर काम करवाती हैं, लेकिन उन्हें सम्मानजनक मानदेय देना नहीं चाहती है. यह आंगनबाड़ी कर्मचारियों का शोषण है. दूसरे राज्यों में 15000 व 7500 मानदेय दिया जा रहा है. उसी तरह यहां भी मानदेय देना शुरू किया जाये. साथ ही उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाएं हर सरकारी काम करती हैं. इसलिए उन्हें अविलंब सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाये. बालोमणी बाखाला ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है, तब तक उनलोगों को धरना जारी रहेगा.
धरना में भारतीय मजदूर संघ के उपाध्यक्ष हरकेश्वर सिंह, मंत्री रामचंद्र गोप, प्रभारी राम कुमार भक्त, एसएन त्रिपाठी, वित्त सचिव हरि लाल साव, विमला देवी (पूर्वी सिंहभूम), बिंदुरानी(पूर्वी सिंहभूम), रूमा बनर्जी (धनबाद), रीता देवी(धनबाद), मालती देवी(पलामु), लीलावती देवी (पलामु), आशा देवी(लातेहार), ज्योति टोपो (लातेहार), कुलाती देवी(लोहरदगा), रामधनी देवी (लोहरदगा), ममता देवी (गुमला), सावित्री देवी (गुमला), सुशीला कुजूर (गुमला), मारिया गोरेती मिंज(सिमडेगा), विद्यावती तिर्की (सिमडेगा), प्रमीला राय(सरायकेला) , प्रीति गुप्ता (पश्चिम सिंहभूम) के अलावा अन्य जगहों से भी सेविकाएं प्रदर्शन में शामिल हुई हैं. इधर मैदान सहित तुरी भवन, एग्रिको क्लब, दुसाध भवन, आदिवासी एसोसिएशन में महिलाएं ठहरी हुईं हैं. महिलाओं को ठहरने की व्यवस्था तुड़ी समाज के पदाधिकारी चंदन तुड़ी ने की है.
क्या है प्रमुख मांगें
आंगनबाड़ी कर्मचारियों को पांडिचेरी और तमिलनाडू की तर्ज पर सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाये
आंगनबाड़ी कर्मचारियों का मानदेय 15000 व 7500 रुपये किया जाये
सेवानिवृत वर्ष को 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष किया जाये व पीएफ, ग्रेच्यूटी, पेंशन एवं मेडिकल की सुविधा दी जाये
मिनी आंगनबाड़ी सेविकाओं को अतिरिक्त आंगनबाड़ी केंद्र सेविकाओं के बराबर मानदेय दिया जाये
सेविकाओं को प्रवेक्षिका में तथा सहायिका को सेविका में पदोन्नति किया जाये, साथ ही उम्र सीमा की बाध्यता को खत्म किया जाये
केंद्र में बच्चों की उपस्थिति पर बल देने के लिए सेविकाओं को प्रमाण पत्र निर्गत करने का अधिकार दिया जाये, वगैर प्रमाण पत्र के किसी भी स्कूल में नहीं हो नामांकन
आंगनबाड़ी सेविकाओं की बहाली ग्रामसभा में न कर परीक्षा के माध्यम से कराया जाये
गुजरात एवं पश्चिम बंगाल की तर्ज पर यहां भी एक महीने के वेतन के बराबर बोनस दिया जाये
सुबह नौ बजे से जुटने लगी थीं सेविकाएं
मांगों को लेकर सीएम आवास पर धरने देने के लिए राज्यभर की सेविकाएं सुबह नौ बजे से ही एग्रिकाे लाइट सिग्नल के पास जुटने लगी थी. सेविका ने सरकारी कर्मचारी घोषित करने, दिल्ली व हरियाणा के तर्ज पर प्रतिमाह सेविका व सहायिका को 15000 व 7500 रुपये मानदेय देने की नारे लगा रही थीं. प्रदर्शन में धनबाद, पलामू, बोकारो, लातेहार, रांची, दुमका, गोड्डा समेत अन्य जिलों से सैकड़ों आंगनबाड़ी सेविकाएं पहुंची हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










