को-ऑपरेटिव के प्राचार्य की वरीयता को चुनौती
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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चाईबासा/जमशेदपुर : केयू के कॉन्फ्रेंस हॉल में बुधवार को वेतन निर्धारण सह वरीयता कमेटी की बैठक हुई. जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज के प्राचार्य डॉ एनआर चक्रवर्ती के वरीयता को महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ वीके सिंह ने चुनौती दी. इसमें तर्क दिया गया कि कॉलेज के वर्तमान प्राचार्य डॉ एनआर चक्रवर्ती लेक्चरर एसजी […]
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चाईबासा/जमशेदपुर : केयू के कॉन्फ्रेंस हॉल में बुधवार को वेतन निर्धारण सह वरीयता कमेटी की बैठक हुई. जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज के प्राचार्य डॉ एनआर चक्रवर्ती के वरीयता को महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ वीके सिंह ने चुनौती दी. इसमें तर्क दिया गया कि कॉलेज के वर्तमान प्राचार्य डॉ एनआर चक्रवर्ती लेक्चरर एसजी ग्रेड में हैं. लिहाजा वह उनसे सीनियर नहीं हो सकते. कमेटी ने तय किया कि इस मुद्दे पर डॉ एनअार चक्रवर्ती का पक्ष लिया जायेगा.
कुलपति डॉ शुक्ला माहांती की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान एबीएम कॉलेज के पूर्व शिक्षक डॉ केके सहाय के वरीयता को चुनौती देने वाली डॉ एसके सिंह के आवेदन पर चर्चा हुई. सुप्रीम कोर्ट से जारी गाइडलाइन के आधार पर इसका निस्तारण करने का फैसला किया गया. जेपीएससी से नवनियुक्त प्राचार्यों के वेतन निर्धारण संबंधी प्रस्ताव पर विचार किया गया.
इसमें कहा गया कि जेपीएससी से नवनियुक्त प्राचार्यों के वेतन संबंधी प्रस्ताव को एचआरडी भेजा जायेगा. विश्वविद्यालय के नवनियुक्त दोनों उपकुलसचिव एमके मिश्रा व मंगलेश्वर भगत के वेतन निर्धारण पर भी विचार किया गया. दोनों ही उप कुलसचिव को मिल रहे वेतनमान को बनाये रखने की अनुमति प्रदान की गयी. इस बैठक में मुख्य रूप से प्रतिकुलपति डॉ रणजीत कुमार सिंह, कुलसचिव डॉ एसएन सिंह, उपकुलसचिव एमके मिश्रा, राजेश कुमार शुक्ल, वित्तीय सलाहकार मधुसूदन उपस्थित रहे.
पे-फिक्सेशन कमेटी में वित्त अधिकारी को जगह नहीं
पे फिक्सेशन कमेटी की बैठक में बुधवार वित्त पदाधिकारी सुधांशु कुमार को शामिल नहीं किया गया. बताया जा रहा है कि संबंधित कमेटी में वित्त पदाधिकारी को जगह नहीं दी गयी है. विश्वविद्यालय सूत्रों की मानें, तो किसी भी विश्वविद्यालय में वेतन लेन-देन संबंधी मामले में वित्तीय पदाधिकारी को शामिल करना जरूरी है.
डॉ एमएन तिवारी की आपत्तियां की गयीं पेश
बैठक के दौरान जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज के वरीयता निर्धारण के मुद्दे पर सिंडिकेट सदस्य राजेश कुमार शुक्ल ने कॉलेज के बर्शर डॉ एमएन तिवारी की ओर से सीनियरिटी को लेकर की जा रही आपत्तियों को पेश की. उन्होंने जमशेदपुर को-ऑपरेटिव विधि महाविद्यालय की मान्यता के लिए भी विवि से प्रयास करने का अनुरोध किया.
स्वीकृत से अधिक गेस्ट फैकल्टी का भुगतान नहीं
जमशेदपुर : कोल्हान विश्वविद्यालय के अंगीभूत कॉलेजों में स्वीकृत पद से अधिक सीट पर गेस्ट फैकल्टी की बहाली नहीं की जा सकती. विश्वविद्यालय ने अधिकांश विषयों में अलग-अलग महाविद्यालयों में शिक्षकों के स्वीकृत पदों के आलोक में रिक्त पदों पर घंटी आधारित शिक्षकों की तैनाती कर दी है. उसके बाद भी बड़े पैमाने पर ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि कई विषयों में पर्याप्त संख्या में घंटी आधारित फैकल्टी की नियुक्ति के बाद गेस्ट फैकल्टी की बहाली कर मानदेय के मद में 5000-5000 रुपये का भुगतान किया जा रहा है.
मामला संज्ञान में आने के बाद कुलपति प्रो डॉ शुक्ला माहांती ने कहा कि स्वीकृत पदों पर घंटी आधारित शिक्षकों की तैनाती के बाद गेस्ट फैकल्टी की सेवाएं जारी नहीं रखी जा सकतीं. जिन विषयों में शिक्षक नहीं मिल रहे, ऐसे विषयों में कॉलेज प्राचार्य जरूर अपने स्तर से गेस्ट फैकल्टी रख सकते हैं. कुलपति ने कहा कि विवि में अलग-अलग विषयों में खाली पड़े पदों पर घंटी आधारित शिक्षकों की बहाली के लिए नये सिरे से प्रक्रिया प्रारंभ की जायेगी. रिक्त पदों पर नई बहाली होने तक गेस्ट फैकल्टी की सेवाएं ली जा सकती हैं.
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