उधम सिंह की निशानियां ब्रिटेन से वापस लाये सरकार : ज्ञान सिंह
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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जमशेदपुर : पंजाब के संगरुर जिले के सुनाम में रहने वाले ज्ञान सिंह ने कहा कि शहीद उधम सिंह की कई निशानियां अभी भी ब्रिटेन हुकूमत के पास कैद हैं. भारत सरकार काे उन्हें वापस लाना चाहिए. इससे न केवल हिंदुस्तान का इतिहास जिंदा हाेगा, बल्कि युवाआें के बीच देश प्रेम की नया बयार भी […]
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जमशेदपुर : पंजाब के संगरुर जिले के सुनाम में रहने वाले ज्ञान सिंह ने कहा कि शहीद उधम सिंह की कई निशानियां अभी भी ब्रिटेन हुकूमत के पास कैद हैं. भारत सरकार काे उन्हें वापस लाना चाहिए. इससे न केवल हिंदुस्तान का इतिहास जिंदा हाेगा, बल्कि युवाआें के बीच देश प्रेम की नया बयार भी बहेगी. ज्ञान सिंह जलियांवाला बाग में नरसंहार करने वाले जनरल डायर काे ब्रिटेन में जाकर मारने वाले उधम सिंह की बहन आस काैर के पाैत्र हैं.
गाेपाल मैदान में आयाेजित वैसाखी नाइट समाराेह में उन्हें सम्मानित करने के लिए बुलाया गया था. बिष्टुपुर हाेटल में शनिवार काे पत्रकाराें से बातचीत करते हुए उन्हाेंने कहा कि युवाआें काे अपने वीराें की शहादत काे पढ़ना चाहिए. युवा पीढ़ी नशे से दूर रहे व धार्मिक मर्यादाआें का ख्याल रखे. उधम सिंह को 31 जुलाई 1940 को पेंटनविले जेल में फांसी दी गयी थी. 1974 में ब्रिटेन ने उनके अवशेष भारत को सौंपे, लेकिन उनकी पिस्टल और अन्य सामान अंग्रेजों के पास ही है. उनके गृह जिले का नाम बदल कर उधम सिंह नगर किया गया है.
समारोह में सम्मानित
समाराेह में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, सांसद विद्युत वरण महताे, आयाेग के उपाध्यक्ष गुरदेव सिंह राजा, भाजपा महानगर अध्यक्ष दिनेश कुमार, झाविमाे के केंद्रीय महासचिव अभय सिंह, भाजपा नेता अमरप्रीत सिंह काले, मजदूर नेता राकेश्वर पांडेय, पर्यावरणविद् मंसूर अली के अलावा काफी अन्य अतिथियाें काे आयाेजन समिति ने सम्मानित किया.
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