सीवान में बनेगा आधुनिक कोर्ट भवन, वकीलों को मिलेंगी ये सभी सुविधाएं, सम्राट सरकार ने दी 34 करोड़ की सौगात
महाराजगंज अनुमंडल मुख्यालय का अधिवक्ता भवन
Maharajganj Court Building: महाराजगंज में 34.33 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक कोर्ट भवन, हाजत भवन और सुविधा केंद्र का निर्माण होगा. प्रशासनिक स्वीकृति मिलने से अधिवक्ताओं में खुशी है.
सीवान से अफजल अनवर की रिपोर्ट
Maharajganj Court Building: सीवान के महाराजगंज अनुमंडल मुख्यालय में बनने वाले नए कोर्ट भवन को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है. 34 करोड़ 33 लाख 26 हजार रुपये की लागत से बनने वाले इस आधुनिक न्यायिक परिसर में कोर्ट रूम, हाजत भवन और सुविधा केंद्र का निर्माण होगा. वर्षों से भवन निर्माण का इंतजार कर रहे अधिवक्ताओं और आम लोगों के लिए यह बड़ी राहत मानी जा रही है.
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महाराजगंज कोर्ट भवन निर्माण को मिली प्रशासनिक स्वीकृति
महाराजगंज में नए कोर्ट भवन के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद अधिवक्ताओं में खुशी का माहौल है. अनुमंडलीय अधिवक्ता संघ के महासचिव पीपी रंजन द्विवेदी ने इसे क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है. उन्होंने कहा कि स्वीकृति मिलने के बाद अब निर्माण प्रक्रिया को गति मिलेगी और न्यायिक कार्यों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिल सकेंगी.
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Siwan News: 34.33 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा आधुनिक न्यायिक परिसर
प्रस्तावित परियोजना के तहत 34 करोड़ 33 लाख 26 हजार रुपये की लागत से आधुनिक कोर्ट भवन का निर्माण किया जाएगा. इस परिसर में 10 नए कोर्ट रूम, सुविधा भवन और हाजत भवन का निर्माण होगा. इसके अलावा वकीलों, मुवक्किलों और आम लोगों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी.
Maharajganj News: 1991 में हुई थी अनुमंडलीय कोर्ट की स्थापना
महाराजगंज में अनुमंडलीय कोर्ट की स्थापना 1 अप्रैल 1991 को हुई थी. हालांकि लंबे समय तक स्थायी भवन नहीं बनने के कारण न्यायिक गतिविधियों के विस्तार में कठिनाइयां बनी रहीं. इसके बाद 25 फरवरी 2025 को नया बाजार स्थित चंद्रशेखर पुस्तकालय परिसर में महाराजगंज व्यवहार न्यायालय का उद्घाटन किया गया था.
भवन के अभाव में पूरी तरह संचालित नहीं हो सका न्यायालय
अधिवक्ता संघ के अनुसार व्यवहार न्यायालय की स्थापना के बाद भी भवन और पर्याप्त जगह के अभाव में न्यायालय पूरी क्षमता के साथ संचालित नहीं हो सका. नए भवन के निर्माण के बाद न्यायिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर न्यायिक सेवाओं का विस्तार होगा.
वकीलों और मुवक्किलों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
नए न्यायिक परिसर में वकीलों और मुवक्किलों के लिए प्रतीक्षालय, शुद्ध पेयजल, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. दिव्यांगजनों और महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था भी प्रस्तावित है. इससे न्यायालय आने वाले लोगों को अधिक सुविधा मिलेगी.
सुरक्षित हाजत भवन का भी होगा निर्माण
परियोजना के तहत अपराधियों और विचाराधीन कैदियों को कोर्ट में पेशी के दौरान रखने के लिए सुरक्षित और सुविधायुक्त हाजत भवन बनाया जाएगा. इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और न्यायिक प्रक्रिया को सुचारू ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी.
लंबित मामलों की सुनवाई में आएगी तेजी
अधिवक्ताओं का मानना है कि नए कोर्ट रूम बनने से मामलों की सुनवाई की गति बढ़ेगी. साथ ही न्यायिक कार्यों के संचालन में भी सुधार होगा. स्थानीय लोगों को छोटे-छोटे मामलों के लिए जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता कम होगी. अनुमंडलीय अधिवक्ता संघ के महासचिव पीपी रंजन द्विवेदी ने कहा कि यह परियोजना महाराजगंज क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात है. उन्होंने उम्मीद जताई कि भवन निर्माण पूरा होने के बाद न्यायालय अपने वास्तविक स्वरूप में कार्य करना शुरू कर देगा और लोगों को सुलभ न्याय मिलेगा.
अब शुरू होगा टेंडर और निर्माण प्रक्रिया
प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद अब टेंडर और निर्माण प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है. निर्माण पूरा होने के बाद महाराजगंज व्यवहार न्यायालय आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर पूरी क्षमता के साथ संचालित हो सकेगा.
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