आध्यात्मिक चिंतन आत्मा की शुद्धि के लिए जरूरी : राज्यपाल

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जमशेदपुर : मूल्य, योग और आध्यात्मिक शिक्षा द्वारा वैश्विक परिवर्तन’ विषय पर आयोजित शिक्षाविदों के एक दिवसीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि धरती पर जीव को ईश्वर जन्म देते हैं. आत्मा संसार पर अलग-अलग योनियों में करीब 5000 वर्ष तक भ्रमण करती है. ऐसे में आत्मा अशुद्ध हो जाती […]

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जमशेदपुर : मूल्य, योग और आध्यात्मिक शिक्षा द्वारा वैश्विक परिवर्तन’ विषय पर आयोजित शिक्षाविदों के एक दिवसीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि धरती पर जीव को ईश्वर जन्म देते हैं. आत्मा संसार पर अलग-अलग योनियों में करीब 5000 वर्ष तक भ्रमण करती है. ऐसे में आत्मा अशुद्ध हो जाती है. इसकी शुद्धि के लिए आध्यात्मिक चिंतन की आवश्यकता है. राज्यपाल ने कहा कि वह वर्ष 2000 से ब्रह्मकुमारी संस्थान से जुड़ी हुई हैं.

ब्रह्मकुमारी आश्रम में कही जानेवाली एक-एक बात पत्थर की तरह लगती हैं. बताया कि कुछ समय पहले उच्च शिक्षा में मूल्य एवं अध्यात्म को बढ़ावा देने के लिए रांची विश्वविद्यालय ने ब्रह्मकुमारी के साथ एमओयू किया है. कोल्हान विश्वविद्यालय की ओर से भी कहा गया है कि वह प्रक्रिया में आगे बढ़ेंगे. राज्यपाल कोल्हान विश्वविद्यालय व ब्रह्मकुमारी के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज में आयोजित शिक्षाविदों के सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि विचार व्यक्त कर रही थीं.

कार्यक्रम में स्वागत भाषण कोल्हान विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ शुक्ला मोहंती ने दिया. संचालन सेफाली बहन ने किया. धन्यवाद प्रतिकुलपति डॉ रणजीत कुमार सिंह ने किया. राजयोगी मृत्युंजय ने भी विचार रखे.

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