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9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस दीपों की जगमग से रोशन होगा समूचा गांव

Updated at : 22 Jul 2024 5:16 PM (IST)
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9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर घर-घर में दीये जलाकर सामाजिक एकता व अखंडता का संकल्प लिया जायेगा. इसके साथ ही समाज के लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों के बारे में बताने के लिए जनजागरण मोटरसाइकिल रैली निकाला जायेगा. यह फैसला सोमवार को परसुडीह क्षेत्र के सरजामदा पुड़सी पिंडा की ओर से लिया गया.

सरजामदा में पुड़सी पिंडा की बैठक

9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर घर-घर में दीये जलाकर सामाजिक एकता व अखंडता का संकल्प लिया जायेगा. इसके साथ ही समाज के लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों के बारे में बताने के लिए जनजागरण मोटरसाइकिल रैली निकाला जायेगा. यह फैसला सोमवार को परसुडीह क्षेत्र के सरजामदा पुड़सी पिंडा की ओर से लिया गया.

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जमशेदपुर: 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर घर-घर में दीये जलाकर सामाजिक एकता व अखंडता का संकल्प लिया जायेगा. इसके साथ ही समाज के लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों के बारे में बताने के लिए जनजागरण मोटरसाइकिल रैली निकाला जायेगा. यह फैसला सोमवार को परसुडीह क्षेत्र के सरजामदापुड़सी पिंडा की ओर से लिया गया. जनजागरण मोटरसाइकिल महारैली शुभारंभ सरजामदाईजीएल मैदान से किया जायेगा. महारैली सरजामदा से निकलकर डुमकागोड़ा, गदड़ा, गोविंदपुर तिलका माझी मुख्य चौक, बारीगोड़ा, राहरगोड़ा, बावनगोड़ा, सलगाझरी चांदनी चौक, शंकरपुर, जानीगोड़ा, छोलागोड़ा होते हुए पुन: ईजीएल मैदान में पहुंचेगा. जहां मोटरसाइकिल जनजागरण महारैली एक जनसभा में तब्दील हो जायेगा.

संवैधानिक अधिकार व आदिवासियत मुद्दे पर होगा मंथन

पुड़सी माझी बाबा लेदेम मुर्मू ने बताया कि विश्व आदिवासी दिवस पर संवैधानिक अधिकार व आदिवासियत मुद्दे पर गहन-मंथन किया जायेगा. इस मुद्दे पर स्वशासन व्यवस्था के प्रमुख अपने-अपने मंतव्य देंगे. साथ ही आदिवासियत को बचाने के लिए भावी रणनीतियों को बनाया जायेगा. उन्होंने बताया कि पूरे देश में आदिवासियों ने विकास की कीमत अपने जल, जंगल व जमीन को देकर किया गया. देश में कोई वैसी योजना ही नहीं है जिसके लिए आदिवासियों ने अपनी जमीन नहीं दी हो. लेकिन उनके एवज में आदिवासी को विस्थापन-पलायन का दंश मिला. सरकार के भरोसे आदिवासियों की अस्तित्व की रक्षा का इंतजार करना बेवकूफी है. इसलिए अब स्वशासन व्यवस्था के प्रमुखों ने ठाना है कि वे पूर्वजों की राह पर चलते हुए आंदोलन करेंगे.

आदिवासियों की समृद्ध संस्कृति की झलक भी दिखेगी

जनसभा के बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी होगा. इसमें वृहद परसुडीह क्षेत्र के आदिवासी समुदाय के कलाकारों का जमावड़ाहोगा. पारंपरिक व सांस्कृतिक नृत्य मंडली बारी-बारी से अपनी संस्कृति की छठा बिखेरेंगे. साथ जनजातीय गीत व संगीत कलाकार मांदर व नगाड़े की थाप पर पारंपरिक गीतों को प्रस्तुत करेंगे.सांस्कृतिक संध्या में म्यूजिक वीडियो एलबम के कलाकारों को भी विशेष रूप से बुलाया गया है.

प्रतिभाओं को भी किया जायेगा सम्मानित

विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम में समाज के प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया जायेगा.सरजामदापुड़सी पिंडा के अंतर्गत आने वाले विभिन्न गांव के मैट्रिक की परीक्षा में उतीर्ण छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जायेगा. इस दौरान समाज की उन्नति व प्रगति के लिए कार्य करने वाले विशिष्ट लोगों को भी सम्मानित किया जायेगा. साथ पौधरोपण कार्यक्रम का भी आयोजन होगा.

बैठक में ये थे मौजूद

ईजीएल मैदान के प्रेक्षागृह में सोमवार को तैयारी बैठक हुई. इसमें पुड़सी माझी बाबा लेदेम मुर्मू, निमाई बास्के, लखन मुर्मू, भगत मुर्मू, मनोज हांसदा, सुशील कुमार मुर्मू, बाघराय किस्कू, लुगू हांसदा, कृष्णा हेंब्रम, दुखिया मार्डी, रंजीत हांसदा, धीरेन टुडू, बुद्धेश्वर मुर्मू, रामकंठ टुडू, गोपाल किस्कू, राजेश मार्डी, कुशल टुडू आदि उपस्थित थे.

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Dashmat Soren

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By Dashmat Soren

Dashmat Soren is a contributor at Prabhat Khabar.

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