जमशेदपुर में खरकई नदी का घटता जलस्तर: एक गंभीर संकट

Edited by Dashmat Soren
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बागबेड़ा बड़ौदा घाट के पास खरकई नदी की तसवीर

नदी में पानी का जलस्तर घट जाने के कारण बहाव क्षेत्र खेल का मैदान में तब्दील हो गया है. कई जगहों में नदी बच्चे खेलते भी हैं. इस वर्ष जुलाई महीने में भी बारिश नहीं हुई है, जिसके कारण खरकई नदी का जलस्तर बहुत ही कम हो गया है. पानी का बहाव केवल बीच में सिमट कर रह गया है.

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जमशेदपुर: जमशेदपुर में इस साल खरकई नदी में जलस्तर में अप्रत्याशित रूप से कमी आई है. जुलाई महीने में, जब आमतौर पर नदी लबालब पानी से भरी होती है, इस वर्ष बारिश की कमी ने इसे एक सूखा मैदान बना दिया है. इस संकट ने शहर के लोगों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है. खरकई नदी का बहाव क्षेत्र काफी बड़ा है. लेकिन वर्तमान में पानी का बहाव केवल बीच में सिमट कर रह गया है. यह स्पष्ट संकेत है कि नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है. इसके कई संभावित कारण हो सकते हैं, जिनमें जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और जल संसाधनों का अनुचित प्रबंधन शामिल हैं.

कुछ वर्षों में दिखा है मौसम के पैटर्न में बड़े बदलाव

पिछले कुछ वर्षों में मौसम के पैटर्न में बड़े बदलाव देखे गए हैं. जमशेदपुर में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है. जुलाई महीने में आमतौर पर होने वाली भारी बारिश इस बार नहीं हुई, जिसके कारण नदी का जलस्तर नहीं बढ़ सका. जलवायु परिवर्तन के चलते मौसम की अनिश्चितता बढ़ गई है, जिससे भविष्य में भी इस तरह की स्थिति की संभावना बनी रहेगी. वनों की कटाई से भी नदी के जलस्तर पर गहरा असर पड़ा है. वन, जल को संचित करने और उसे जमीन में रिसने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. लेकिन वनों की कटाई के कारण यह क्षमता कम हो गई है. इसके अलावा, जल संसाधनों का उचित प्रबंधन नहीं होने से भी समस्या बढ़ रही है. अनियंत्रित भूजल दोहन और जलाशयों की उचित देखभाल नहीं होने के कारण नदी में पानी की कमी हो रही है.

शहर के जल आपूर्ति पर सीधा असर
लौहनगरी जमशेदपुर के कई क्षेत्रों को पीने का पानी नदी से ही मिलता है. नदी के जलस्तर में इस तरह की कमी से जल आपूर्ति पर सीधा असर पड़ रहा है. अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में पीने का पानी मिलना भी मुश्किल हो जाएगा. यह स्थिति शहर के निवासियों के लिए गंभीर समस्या का कारण बन सकती है. खरकई नदी का घटता जलस्तर एक गंभीर संकट है जो शहर के निवासियों के लिए चिंता का विषय बन गया है. इस समस्या के समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है. अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह संकट और भी गंभीर हो सकता है. जल संसाधनों का संरक्षण और उचित प्रबंधन ही इसका सही समाधान है.

बहाव क्षेत्र खेल का मैदान में तब्दील हो गया
नदी में पानी का जलस्तर घट जाने के कारण बहाव क्षेत्र खेल का मैदान में तब्दील हो गया है. कई जगहों में नदी बच्चे खेलते भी हैं. इस वर्ष जुलाई महीने में भी बारिश नहीं हुई है, जिसके कारण खरकई नदी का जलस्तर बहुत ही कम हो गया है. पानी का बहाव केवल बीच में सिमट कर रह गया है. यह स्थिति न केवल जल आपूर्ति के लिए बल्कि नदी के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी हानिकारक है. नदी के किनारे की वनस्पतियां और जीव-जंतु भी इस कमी से प्रभावित हो रहे हैं.




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