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दस दिवसीय मेला 18 से, तैयारी जोरों पर

छड़वा काली मंदिर परिसर में 18 से 28 जनवरी तक पहली बार माघ अमावस्या पूजा सह मेला का आयोजन किया गया है

कटकमसांडी. छड़वा काली मंदिर परिसर में 18 से 28 जनवरी तक पहली बार माघ अमावस्या पूजा सह मेला का आयोजन किया गया है. मेला को आकर्षक बनाने के लिए कंचनपुर गांव सहित आसपास के ग्रामीण लगे हुए हैं. मेला को लेकर हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल और सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने काली मंदिर पहुंच कर ग्रामीणों के साथ बैठक कर मेला के विधि व्यवस्था की जानकारी हासिल की. मेला को लेकर गांव-गांव में प्रचार प्रसार किया जा रहा है. काली मंदिर का इतिहास 13 वर्ष पुराना है कटकमसांडी प्रखंड क्षेत्र के कंचनपुर काली मंदिर आज पूरे इलाके में आस्था, आकर्षण और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र बन गया है. ऐतिहासिक छड़वा डैम के किनारे बसे इस मंदिर का महत्व केवल धार्मिक दृष्टि से नहीं, बल्कि पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण भी काफी बढ़ गया है. छड़वा डैम का निर्माण वर्ष 1952 में डीवीसी ने किया था. जबकि काली मंदिर का इतिहास 13 वर्ष पुराना है. वर्ष 2012 में छड़वा डैम स्थित पुल के पास काले पत्थर से निर्मित मां महाकाली की खंडित प्रतिमा मिली थी. प्रतिमा मिलने के बाद उसे डैम के किनारे स्थापित किया गया, जिसके बाद दक्षिण भारतीय शैली पर भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया. मंदिर जिला मुख्यालय से मात्र पांच किमी की दूरी पर हजारीबाग- चतरा रोड पर स्थित है. कार्यक्रम को लेकर पूर्व मुखिया सह अध्यक्ष पन्नू महतो, अशोक राणा, प्रकाश कुशवाहा, देवनारायण महतो, अर्जुन कुशवाहा, मोहन महतो, भोला राणा, उपेन्द्र शर्मा समेत समिति के कई लोग लगे हुए हैं.

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