बहाली कैंप में ड्यूटी नहीं करना चाहते हैं डॉक्टर, बना रहे बहाने
Author Prabhat khabar news desk
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उत्पाद सिपाही बहाली दौड़ मेडिकल कैंप में प्रतिनियुक्त डॉक्टर ड्यूटी से बचने के लिए तरह-तरह के बहाने बना रहे हैं.
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प्रतिनिधि, पदमा
उत्पाद सिपाही बहाली दौड़ मेडिकल कैंप में प्रतिनियुक्त डॉक्टर ड्यूटी से बचने के लिए तरह-तरह के बहाने बना रहे हैं. बहाली कैंप में प्रत्येक दिन दौड़ में दर्जनों की संख्या में अभ्यर्थी बीमार हो रहे हैं. इस दौरान तुरंत उनका इलाज आवश्यक हो जाता है. ऐसे में डॉक्टर ड्यूटी से बचने के लिए एक दिन पहले छुट्टी ले लेते हैं. जबकि बहाली कैंप में प्रत्येक दिन एक डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिनियुक्ति बनायी गयी है. सीएचसी प्रभारी डाॅ धीरज कुमार द्वारा प्रतिनियुक्त डाॅक्टर बीमार होने का बहाना बनाकर ड्यूटी पर जाने से बच रहे हैं. एक सितंबर को डाॅ नीलू कुमारी को मेडिकल कैंप में ड्यूटी करनी थी, पर वह नहीं आयीं. एक दिन पहले 31 अगस्त को उन्होंने प्रभारी को वाट्सएप पर आवेदन भेज दिया कि मेरी तबीयत ठीक नहीं है. बहाली कैंप में नहीं जा पाऊंगी. ठीक उसी तरह दूसरे दिन भी दो सितंबर को डाॅ नैंसी प्रिया की ड्यूटी थी. उन्होंने भी ठीक वैसे ही प्रभारी के वाट्सएप पर मैसेज भेजकर बहाली में ड्यूटी पर नहीं जाने का आवेदन भेज दिया. एक सितंबर को डाॅ नीलू कुमारी के नहीं पहुंचने पर प्रभारी डॉ धीरज कुमार ने मेडिकल कैंप पर दौड़ के प्रतिभागियों का इलाज किया.बिना स्वीकृत छुट्टी पर जाने से होंगे अनुपस्थित : सीएचसी प्रभारी
इस संबंध में सीएचसी प्रभारी ने बताया कि ड्यूटी के ठीक एक दिन पहले रात को वाट्सएप पर छुट्टी के लिए आवेदन भेजकर बहाली में ड्यूटी पर नहीं आना सही नहीं है. बिना छुट्टी की स्वीकृति मिले डाॅक्टरों की हाजिरी अनुपस्थित की जायेगी. पदस्थापित डाॅक्टरों को प्रतिदिन सीएचसी आना है. मेरे बार-बार कहने पर भी डाॅक्टरों की उपस्थिति प्रतिदिन न होकर सप्ताह में एक या दो दिन ही हो रही है. इसकी सूचना मैंने सीएस हजारीबाग को दी है.बहाली कैंप पर नहीं आने वाले डाॅक्टरों का कटेगा वेतन : सीएस
हजारीबाग सीएस सरयू प्रसाद सिंह ने कहा कि बहाली मेडिकल कैंप में नहीं आने वाले तैनात किए गए डाॅक्टरों का वेतन काटा जायेगा. वाट्सएप पर आवेदन भेजने से छुट्टी स्वीकृत नहीं हो जाती है. डाॅक्टरों को सीएचसी केन्द्र में ही रहकर ड्यूटी करने का निर्देश दिया गया है. नयी जानकारी मिल रही है कि एक भी डाॅक्टर केन्द्र में स्थायी रूप से नहीं रहते हैं. चार सितंबर के बाद अस्पताल में बैठक कर 24 घंटा स्वास्थ्य सुविधा को लेकर रोस्टर बनाया जाएगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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