हजारीबाग में तस्दीक शिविर 8 महीने से ठप, कागजात अटके… रैयत परेशान, बंदोबस्त विभाग पर उठ रहे सवाल
Published by : Sameer Oraon Updated At : 22 Nov 2025 8:17 PM
हजारीबाग का बंदोबस्त कार्यालय, Pic Credit- Prabhat Khabar
Jharkhand Settlement Department: हजारीबाग जिले के चुरचू और बड़कागांव प्रखंड में तस्दीक शिविर पिछले आठ महीने से बंद है, जिससे रैयतों की कागजात में सुधार और खाता-खतियान अपडेट का काम ठप हो गया है. पदाधिकारियों की कमी और आपसी खींचतान से शिविर मार्च 2025 से स्थगित है. ग्रामीणों को प्रतिदिन बंदोबस्त कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है. प्रशासन ने जल्द शिविर शुरू करने की प्रक्रिया तेज करने की बात कही है.
Jharkhand Settlement Department, हजारीबाग, (आरिफ) : हजारीबाग जिले के चुरचू और बड़कागांव (उत्तरी-दक्षिणी) प्रखंड में तस्दीक शिविर पिछले आठ महीने से बंद पड़ा है. मार्च 2025 से ठप पड़े इस शिविर के कारण दोनों क्षेत्रों के बड़ी संख्या में रैयतों की समस्या बढ़ गयी है. कागजात दुरुस्ती का काम रुक गया है, जिससे ग्रामीण प्रतिदिन हजारीबाग बंदोबस्त कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं.
बंडा पर्चा मिला, लेकिन बुझारत अटका
बंदोबस्त विभाग द्वारा पहले रैयतों को बंडा पर्चा वितरण किया गया था. इसके बाद नियम के अनुसार बुझारत कार्य यानी कागजात में सुधार और सत्यापन का काम तस्दीक शिविर के माध्यम से होना था. शिविर के बंद रहने से यह कार्य अधूरा है और जब तक यह पूरा नहीं होगा, रैयतों को खाता-खतियान उपलब्ध नहीं कराया जा सकता.
पदाधिकारियों की खींचतान और कमी बनी बाधा
शिविर बंद होने पर कई सवाल उठ रहे हैं. सूत्र बताते हैं कि बंदोबस्त कार्यालय के कुछ पदाधिकारियों के बीच खींचतान और आपसी विवाद की वजह से दोनों प्रखंडों में शिविर बंद कर दिया गया था. वहीं, उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडलीय आयुक्त के हस्तक्षेप के बाद पदाधिकारी की कमी को आधार बनाते हुए मार्च 2025 में शिविर स्थगित कर दिया गया था.
रैयतों के कागजात अटके, बढ़ी परेशानी
तस्दीक शिविर बंद होने से ग्रामीणों का कागजी काम रूका हुआ है. रैयतों का कहना है कि एक-एक दस्तावेज दुरुस्त करवाने के लिए उन्हें कई-कई बार कार्यालय जाना पड़ता है. शिविर चालू रहने पर यह काम स्थानीय स्तर पर ही पूरा हो जाता.
शिविर जल्द चालू करने की प्रक्रिया तेज : लिपिक
बंदोबस्त कार्यालय के निम्नवर्गीय लिपिक राजेश कुमार ने बताया कि चुरचू और बड़कागांव (उत्तरी-दक्षिणी) प्रखंड में तस्दीक शिविर फिर से शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है. उन्होंने कहा कि शिविर स्थगित करने का कारण बंदोबस्त पदाधिकारी की अनुपस्थिति को बताया गया था. अब मामले को पुनः सक्रिय करने की तैयारी हो रही है.
पदाधिकारी की कमी से रुका काम, जल्द होगी समीक्षा : एएसओ
सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी (मुख्यालय) विजय महतो ने भी स्वीकार किया कि पदाधिकारी की कमी के कारण तस्दीक शिविर रोका गया था. उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और जल्द ही निचले स्तर के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर शिविर शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा.
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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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