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Jharkhand News: हजारीबाग में 3 सप्ताह से जंगली हाथियों का आतंक, पूर्व मुखिया के पति को कुचला

Updated at : 27 May 2024 11:24 AM (IST)
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elephant attack in garhwa district jharkhand

जंगली हाथियों का झुंड. प्रतीकात्मक तस्वीर

Jharkhand News: झारखंड के हजारीबाग से सुबह-सुबह एक बुरी खबर आई. दारू प्रखंड में हाथियों के झुंड ने आतंक मचा रखा है. एक हाथी ने मुखिया के पति को मार डाला.

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Jharkhand News: झारखंड की राजधानी रांची से करीब 90 किलोमीटर दूर स्थित हजारीबाग जिले में जंगली हाथियों ने आतंक मचा रखा है. जिले के दारू प्रखंड में एक पूर्व मुखिया के पति को हाथी ने कुचलकर मार डाला. हाथियों के हमले में एक अन्य व्यक्ति इस्माइल मियां भी गंभीर रूप से घायल हो गया. उसका इलाज चल रहा है.

Jharkhand News: दारू प्रखंड के बलिया गांव की घटना

घटना रविवार (26 मई) की रात की है. घटना की सूचना मिलते ही दारू थाना प्रभारी शफीक खान अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे. मृतक का शव अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज भेज दिया. बताया जा रहा है कि जिले के दारू प्रखंड के बलिया गांव में जंगली हाथियों के झुंड ने आतंक मचा दिया. एक हाथी ने कविलासी पंचायत की पूर्व मुखिया राखी देवी के पति अशोक रविदास को कुचलकर मार डाला.

शाम 7 बजे से ही हाथियों ने गांव में डाल दिया था डेरा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार की रात 7:00 बजे ही हाथियों का झुंड बलिया गांव के मंडप के पास पहुंचकर किसान की सब्जी खाने लगे. इसकी सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी. काफी देर तक वन विभाग की टीम नहीं पहुंची, तो ग्रामीणों ने ही एकजुट होकर हाथी भगाने का प्रयास किया. हाथी भगाने के दौरान हाथियों के झुंड से एक बड़ा हाथी ग्रामीणों की तरफ दौड़ा.

आक्रामक हुए हाथी, तो अपने-अपने घरों में दुबके लोग

हाथी के झुंड के आक्रामक होते ही ग्रामीणों में भगदड़ मच गई. सभी ग्रामीण अपने घर की ओर भागने लगे. भागने के दौरान अशोक राम और और इस्माइल मियां गिर गए. अशोक राम (45) के गिरते ही हाथी ने उसे पटक-पटककर मार डाला.

हाथी से बचने के लिए भागते समय 3 बार गिरे इस्माइल मियां

इस्माइल मियां ने बताया कि भागने के दौरान 3 बार हम गिर पड़े. मेरा बायां हाथ फ्रैक्चर हो गया. इसके बाद सभी ग्रामीण अपने-अपने घरों में दुबक गए. घटना के बाद हाथियों का झुंड ने पूरे गांव को घेर लिया. रात के करीब 11:00 बजे वन विभाग की टीम सायरन बजाते हुए गांव पहुंची.

हाथियों के झुंड ने शव को कई घंटे तक घेरे रखा

हाथियों का झुंड मृतक अशोक राम के शव को देर तक घेरे रहा. बड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग ने हाथियों के झुंड को बलिया जंगल की भगाया. झुंड में करीब दो दर्जन से अधिक हाथी हैं. 2 बच्चे भी हैं. ग्रामीणों ने कहा कि वन विभाग की टीम समय पर पहुंच जाती, तो यह घटना नहीं होती. एक व्यक्ति की मौत की सूचना जब वन विभाग को दी गई, तब उसकी टीम गांव में पहुंची.

20 दिन से दारू प्रखंड में हाथियों ने मचा रखा है आतंक

बता दें कि करीब 20 दिनों से हजारीबाग के दारू प्रखंड में जंगली हाथियों के झुंड ने डेरा डाल रखा है. हाथियों ने पूरे इलाके में आतंक मचा रखा है. कई लोगों के घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है. लोगों की फसल भी हाथी खा जा रहे हैं. इसकी वजह से लोग परेशान भी हैं और दहशत में भी हैं.

आधा दर्जन से अधिक गांवों में तबाही मचा चुके हैं जंगली हाथी

इन जंगली हाथियों ने आधा दर्जन से अधिक गांवों में तबाही मचाई है. खासकर दिगवार, सोनडीहा, बड़वार, दारू खरिका और गडया गांव में. पिछले सप्ताह सुदामा मल्हार के घर में रखा अनाज हाथी खा गए थे. उसे पीडीएस से अनाज मिला था. हाथियों को वन विभाग अब तक खदेड़ नहीं पाया है. इससे ग्रामीणों में आतंक का माहौल है. हालांकि, ग्रामीण अपने स्तर से हाथियों को भगाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उनको सफलता नहीं मिल पा रही है.

वन विभाग की निष्क्रियता से ग्रामीणों में आक्रोश

ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का यह झुंड दिन में जंगलों में चला जाता है. रात होती है हाथियों का झुंग गांवों में आ जाते हैं. हर दिन किसी न किसी गांव में जाकर उत्पात मचाते हैं. खेतों में लगी मकई व अन्य फसलों को नष्ट कर देते हैं. वन विभाग की निष्क्रियता की वजह से ग्रामीणों को नुकसान झेलना पड़ रहा है. अब तो हाथियों ने एक व्यक्ति की हत्या कर दी है.

इसे भी पढ़ें : हजारीबाग में एनएच-33 पर 35 जंगली हाथियों का झुंड, काफी देर तक वाहनों का आवागमन ठप

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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