झारखंड में मानव तस्करी का इंटरनेशनल नेटवर्क! डंकी रूट से अमेरिका भेजकर करोड़ों कमाये, 5 गिरफ्तार

मानव तस्करी मामले में 5 लोगों की गिरफ्तारी के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते पुलिस पदाधिकारी. फोटो : प्रभात खबर
International Human Trafficking Racket in Jharkhand: हजारीबाग में मानव तस्करी का इंटरनेशनल नेटवर्क भी काम कर रहा है. हजारीबाग पुलिस इस दिशा में जांच कर रही है. हजारीबाग जिले के एक शख्स ने थाने में शिकायत दर्ज करायी थी कि उसे डंकी रूट से अमेरिका भेजा गया. हालांकि, वह पकड़ा गया और 4 महीने तक डिटेंशन सेंटर में रहने के बाद भारत डिपोर्ट किया गया. उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने 5 लोगों को गिरप्तार किया है और आगे की कार्रवाई कर रही है.
International Human Trafficking Racket: झारखंड में मानव तस्करी के इंटरनेशनल नेटवर्क का खुलासा हुआ है. ये मानव तस्कर डंकी रूट के जरिये लोगों को अमेरिका भेजने का झांसा देकर उनसे करोड़ों रुपए की कमाई कर चुके हैं. इस इंटरनेशनल रैकेट का खुलासा हजारीबाग की पुलिस ने किया है.
30 जुलाई को सोनू कुमार ने दर्ज करायी थी शिकायत
हजारीबाग जिले के टाटीझरिया थाना क्षेत्र के भराजो गांव निवासी सोनू कुमार ने 30 जुलाई 2025 को एक शिकायत दर्ज करायी. इसमें यह बताया गया कि इस गांव के निवासी उदय कुमार कुशवाहा (जो पिछले 45 वर्षों से अमेरिका में रहकर व्यवसाय कर रहे हैं) ने उन्हें अमेरिका में नौकरी दिलाने का झांसा देकर, फर्जी दस्तावेजों और मानव तस्करी के डंकी रूट से वर्ष 2024 में ब्राजील के लिए रवाना किया.
रोड, नदी मार्ग से इतने देशों से होते हुए पहुंचे अमेरिका
सोनू की शिकायत के अनुसार, उदय कुमार ने विकास कुमार (दर्शन प्रसाद का पुत्र) और पिंटू कुमार दारू थाना के जरगा निवासी को भी अलग-अलग दिन दिल्ली से ब्राजील भेजा. ब्राजील पहुंचने पर इन तीनों को अंतरराष्ट्रीय डंकी माफिया के हवाले कर दिया गया, जिन्होंने उन्हें छिपाकर रोड और नदी मार्ग से बोलीविया, पेरू, इक्वाडोर, कोलंबिया, पनामा, कोस्टारिका, होंडुरास और ग्वाटेमाला होते हुए अमेरिका पहुंचाने की कोशिश की.
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50 दिन तक माफिया के कब्जे में रहा सोनू
सोनू को 50 दिन तक माफिया के कब्जे में रखा गया. इस दौरान हजारीबाग जिले के उदय कुमार ने वादी के गरीब पिता को अमेरिका से कॉल करके और पैसे की मांग की. विवश होकर पिता ने अपनी पैतृक जमीन बेचकर लगभग 45 लाख रुपए उदय कुमार के रिश्तेदारों को अलग-अलग माध्यम से दी.
सोनू की शिकायत में कई सनसनीखेज खुलासे
शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में कई सनसनीखेज खुलासे किये. उसने कहा कि उसे मेक्सिको सिटी होते हुए सैन डियेगो भेजा गया. अमेरिकी बॉर्डर पर उसे गिरफ्तार कर डिटेंशन सेंटर में डाल दिया गया. वह करीब चार महीने तक डिटेंशन सेंटर में रहा. मार्च 2025 में उसे भारत डिपोर्ट कर दिया गया.
टाटीझरिया थाने में दर्ज हुई प्राथमिकी
घर लौटने के बाद जब उसने अपनी रकम की मांग की, तो उदय कुमार और उनके भाई चौहान प्रसाद ने गाली-गलौज की. मारपीट और जान से मारने की धमकी दी. डर के कारण सोनू ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज करायी. इस पर टाटीझरिया थाना कांड संख्या 32/25 दिनांक-31/07/2025 धारा-338/336(2)/340(2)/61(2)(a)/318(2)/143(2)/126(2)/115(2)/351(2) BNS के तहत प्राथमिकी दर्ज कर वरीय अधिकारियों को सूचित किया गया.
त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार
हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विष्णुगढ़ के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया. अनुसंधान एवं छापेमारी के क्रम में 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया.
गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम और पता
- उदय कुमार कुशवाहा, ग्राम- भराजो, वर्तमान पता – अमेरिका
- दर्शन प्रसाद, ग्राम- बुध बाजार, टाटीझरिया
- लालमोहन प्रसाद, ग्राम- केसडा, टाटीझरिया
- चोहान प्रसाद, ग्राम- भराजो, टाटीझरिया
- शंकर प्रसाद, ग्राम- मेरु, हजारीबाग
आरोपियों से हुई बरामदगी
- उदय कुमार के पास से Samsung मोबाइल, जिसमें पीड़ित और उसके पिता से WhatsApp चैट की छायाप्रति
- उसकी पत्नी के नाम से Axis एवं SBI बैंक डिपॉजिट पर्ची
- नोटबुक जिसमें डंकी रूट से भेजे गए लोगों की सूची और उनसे वसूली गई रकम का विवरण
- दर्शन प्रसाद के पास से Redmi मोबाइल, जिसमें ट्रांजैक्शन स्क्रीनशॉट
- लालमोहन प्रसाद के पास से एक वीवो कंपनी का मोबाइल फोन तथा उसमें उदय कुशवा के साथ लेनदेन का व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट
- शंकर प्रसाद के पास से मोटोरोला मोबाइल, जिसमें उदय से लेन-देन से जुड़े WhatsApp चैट
अब तक 12 लोगों को डंकी रूट से अमेरिका भेजा
- दिगंबर कुशवाहा (2018)
- राजकुमार कुशवाहा (2013)
- नंदू कुमार (2022)
- पप्पू कुमार (2022)
- चंदन कुमार (2022)
- शंभू दयाल (2022)
- पृथ्वी राज कुशवाहा उर्फ सोनू (2022)
- संजय वर्मा (2022)
- सुमन सौरभ प्रसाद (2022)
- प्रवीण कुमार (2022)
- अरुण कुमार कुशवाहा (2019)
- धीरज कुमार (2019)
छापेमारी दल में शामिल अधिकारी
- बैजनाथ प्रसाद, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, विष्णुगढ़
- सरोज सिंह चौधरी, थाना प्रभारी, टाटीझरिया
- पुलिस अवर निरीक्षक पवन कुमार (अनुसंधानकर्ता), टाटीझरिया
- कुनाल किशोर, थाना प्रभारी, मुफस्सिल थाना
- आरक्षी संजय कुमार, रिजर्व गार्ड
- आरक्षी टिंकू कुमार, रिजर्व गार्ड
- आरक्षी कादिर हुसैन अंसारी, तकनीकी शाखा
- आरक्षी मोनू कुमार, तकनीकी शाखा
अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी के रैकेट के रूप में देख रही हजारीबाग पुलिस
हजारीबाग पुलिस इस मामले को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी के रैकेट के रूप में देख रही है. इस मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों और माफिया नेटवर्क की तलाश जारी है. पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ऐसे किसी भी झांसे में न आयें. ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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