हजारीबाग में 16 जुलाई को निकलेगी इस्कॉन की हाईटेक रथयात्रा

Updated:
विज्ञापन
हजारीबाग में 16 जुलाई को निकलेगी इस्कॉन की हाईटेक रथयात्रा

हजारीबाग में 16 जुलाई को इस्कॉन की भव्य और हाईटेक रथयात्रा निकाली जाएगी. रिमोट कंट्रोल से चलने वाले इस रथ की खासियत और पूरे कार्यक्रम की जानकारी यहां पढ़ें.

विज्ञापन

हजारीबाग : इस्कॉन हजारीबाग की ओर से 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी. पहली रथयात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण 40 फीट ऊंचा आधुनिक और रिमोट कंट्रोल से संचालित रथ होगा. रथ को मार्ग की आवश्यकता के अनुसार 16 फीट तक छोटा भी किया जा सकेगा. रथ को अंतिम रूप देने में इस्कॉन से जुड़े आईआईटीयन जुटे हुए हैं. पूरी तरह हाईटेक तकनीक से तैयार यह रथ श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा.

पुरी से आएगा भगवान जगन्नाथ का विग्रह

इस्कॉन के केशव दास ने बताया कि भगवान जगन्नाथ का तीन फीट ऊंचा विग्रह ओडिसा के पुरी से मंगाया जा रहा है. यह विग्रह नीम की लकड़ी से निर्मित है. वहीं रथ के शिखर पर जापानी सिल्क के कपड़े का उपयोग किया गया है, जिससे रथ को आकर्षक और भव्य स्वरूप मिलेगा. कई राज्यों से मंगाई जा रही है सजावट की सामग्री-रथ निर्माण और सजावट के लिए विभिन्न राज्यों से विशेष सामग्री मंगायी जा रही है. फेब्रिकेशन की सामग्री पश्चिम बंगाल से लाई जा रही है, जबकि रथ खींचने के लिए असम से 150 फीट लंबी मजबूत मनीला रस्सी मंगायी गयी है. आयोजकों का कहना है कि इस बार रथयात्रा का स्वरूप अधिक भव्य होगा.

यह रहेगा रथयात्रा का मार्ग

रथयात्रा इस्कॉन मंदिर से शुरू होकर एसपी कोठी, सर्किट हाउस, जिला मोड़, पुराना बस स्टैंड, पीटीसी चौक होते हुए एसपी कोठी के सामने स्थित मैदान में संपन्न होगी. यात्रा में जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है. मुंबई और कोलकाता से ब्रह्मचारी एवं जगन्नाथ सेवकों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है. 300 से अधिक स्वयंसेवक संभालेंगे व्यवस्था कार्यक्रम की व्यवस्था के लिए इस्कॉन के 300 से अधिक स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी. रथयात्रा के संयोजक पतित पावन प्रभु, युवा प्रचारक वीरभद्र प्रभु और सेवक कोऑर्डिनेटर कल्पवृक्ष प्रभु रहेंगे. हल्दिया से 20 सदस्यीय टीम पहांडी कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचेगी, जिसका नेतृत्व आईआईटी-बीएचयू के टॉपर कुमार लीला प्रभु करेंगे.

17 से 24 जुलाई तक होंगे धार्मिक आयोजन

रथयात्रा के बाद 17 से 24 जुलाई तक प्रतिदिन शाम चार बजे से रात नौ बजे तक कीर्तन, दर्शन, आरती और महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा. इस्कॉन ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से रथयात्रा एवं धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है.


विज्ञापन
Jaynarayan

लेखक के बारे में

By Jaynarayan

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola