बरही के लोगों का मुद्दा, कब तक बनेगा व्यवहार न्यायालय
Updated at : 30 Apr 2024 5:13 PM (IST)
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बरही अनुमंडल की स्थापना हुए 30 साल हो गए. स्थापना 10 अप्रैल 1994 को एकीकृत बिहार के समय हुआ था.
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बरही.
बरही अनुमंडल की स्थापना हुए 30 साल हो गए. स्थापना 10 अप्रैल 1994 को एकीकृत बिहार के समय हुआ था. अब तक बरही अनुमंडल में व्यवहार न्यायालय नहीं है. अनुमंडल क्षेत्र के ग्रामीणों को व्यवहार न्यायालय से संबंधित मुकदमों के लिए हजारीबाग व्यवहार न्यायालय जाना पड़ता है. इससे लोगों को हर तरह से परेशानी होती है. इसमें समय और धन दोनों बर्बाद होता है. बरही के लोग व्यवहार न्यायालय के लिए लंबे समय से मांग करते आ रहे हैं. बता दें कि तत्कालीन बरही अंचलाधिकारी ने व्यवहार न्यायालय के लिए बरही के चकुराटांड़ में खाता नंबर 20, प्लाट नंबर 46 की चार एकड़ भूमि का प्रस्ताव वर्ष 2020 में दिया है. हेमंत सरकार बरही में व्यवहार न्यायालय स्थापित करने के लिए सितंबर 2022 को अपने कैबिनेट में निर्णय भी ले चुकी थे. साथ ही व्यवहार न्यायालय के लिए पांच न्यायायिक पदाधिकारी का पद भी सृजित कर दी थी. बरही बीडीओ क्रिस्टीना ऋचा इंदवार ने इस समय कुछ भी बताने से असमर्थता जाहिर की है. व्यवहार न्यायालय का नहीं बनना बरही के लोगों के लिए चुनाव में मुद्दा बन गया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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By Prabhat Khabar News Desk
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