जेपी केंद्रीय कारा में मुलाकातियों के लिए हुई डिजिटल व्यवस्था

Updated at : 14 Feb 2025 7:48 PM (IST)
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जेपी केंद्रीय कारा में मुलाकातियों के लिए हुई डिजिटल व्यवस्था

बंदी से मिलने आने वालों की सुविधा के लिए जेल प्रशासन की पहल

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बंदी से मिलने आने वालों की सुविधा के लिए जेल प्रशासन की पहल : बंदियों से मिलने प्रतिदिन जेल में 75 से 80 मुलाकाती आते हैं शंकर प्रसाद हजारीबाग. हजारीबाग जेपी केंद्रीय कारा में मुलाकातियों के लिए व्यवस्था में परिवर्तन लाया गया है. मुलाकातियों के लिए केंद्रीय कारा में डिजिटल व्यवस्था उपलब्ध करायी गयी है. इस नयी व्यवस्था के तहत बंदी और मुलाकातियों के बीच होने वाले बातचीत के लिए केबिन बनाया गया है. केबिन में बंदी और मुलाकाती के बीच शीशा लगा हुआ है. इसमें एक-दूसरे की बातचीत के लिए टेलीफोन उपलब्ध कराया गया है. बंदी और मुलाकाती केबिन में लगे शीशा के दोनों ओर एक-दूसरे का चेहरा भी देख सकते हैं और आपस में बातचीत कर सकते हैं. प्रतिदिन 75 से 80 मुलाकाती आते हैं: जेपी केंद्रीय कारा में की गयी नयी व्यवस्था के तहत प्रतिदिन 75-80 मुलाकाती बंदी से मिलते हैं. इस व्यवस्था को लागू किये जाने से मुलाकातियों को सहूलियत हो रही है. एक साथ तीन मुलाकाती अपने परिजन बंदी से मिलते हैं. जेल में नयी व्यवस्था होने के बाद से मुलाकातियों की संख्या मे वृद्धि हुई. जानकारी के अनुसार, छुट्टी के दिनों मे मुलाकातियों की संख्या कम रहती है. जेल प्रशासन के अनुसार, नयी व्यवस्था में पुरानी की अपेक्षा अधिक मुलाकाती आ रहे हैं. देना होता है अपना पहचान पत्र : जेल प्रशासन के अनुसार, बंदियों से मिलने के लिए आने वाले परिजनों को अपना पहचान पत्र देना होता है. साथ ही बंदी व मुलाकाती के बीच क्या रिश्ता है, इसका पूरा ब्योरा देना होता है. पूरी ब्योरा देने पर बंदी के नाम और मुलाकाती के नाम एक पर्ची दी जाती है. इसके बाद बंदी को केबिन में बुलाया जाता है. बात करने के लिए जेल प्रशासन ने समय निर्धारित किया है. निर्धारित समय सीमा के अंदर बात करनी होती है. मुलाकातियों के केबिन में सीसीटीवी कैमरा भी लगा हुआ है. मिलने वाले और बंदी के बीच हो रही बातचीत की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो जाती है. ———— जेल अधिक्षक जितेंद्र कुमार ने कहा कि जेल में बंदी से मिलने वालों के लिए नयी व्यवस्था की गयी है. इस नयी व्यवस्था में कई सहूलियत उपलब्ध करायी गयी है. इस व्यवस्था में बंदी और मिलने वालों के बीच होने वाली बातचीत की जानकारी बाहर के लोगों को नहीं होती है.

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