मोंथा चक्रवात से किसानों की टूटी कमर, लाखों की हुई क्षति

हाल ही में आये मोंथा चक्रवात ने झारखंड प्रदेश में भारी तबाही मचायी है.
इचाक ( हजारीबाग). हाल ही में आये मोंथा चक्रवात ने झारखंड प्रदेश में भारी तबाही मचायी है. लगातार चार दिनों तक हुई मूसलधार बारिश के कारण धान की फसल पूरी तरह नष्ट हो गयी है. खेतों में जलजमाव से धान की बालियां जमीन पर गिर गईं और सड़ने लगीं. कांग्रेस पार्टी के प्रदेश किसान समन्वयक दिगंबर कुमार मेहता ने बताया कि इस वर्ष अच्छी फसल की उम्मीद से किसान उत्साहित थे, लेकिन चक्रवात ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया.
श्री मेहता ने राज्य एवं केंद्र सरकार से किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है. उन्होंने विशेष रूप से छोटे और लघु किसानों के नुकसान की जांच कर उन्हें राहत देने की अपील की. भाजपा नेता ओमप्रकाश मेहता ने बताया कि इचाक प्रखंड के किसान धनिया और आलू की खेती से जीविकोपार्जन करते थे, लेकिन इस बार अतिवृष्टि के कारण धनिया की खेती नहीं हो सकी और आलू की फसल भी पूरी तरह बर्बाद हो गयी.
किसानों ने बैंकों और महाजनों से कर्ज लेकर बीज खरीदे थे, लेकिन फसल नष्ट होने से वे भुखमरी के कगार पर पहुंच गये हैं. श्री मेहता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कराकर किसानों को शीघ्र मुआवजा दिया जाये, ताकि वे दोबारा खेती कर सकें और आर्थिक संकट से उबर सकें.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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