शिव उपासना के लिए विख्यात है बड़कागांव का बुढ़वा महादेव

प्रखंड का बुढ़वा महादेव मंदिर शिव उपासना का प्रमुख केंद्र माना जाता है.
600 साल पुरानी है शिवरात्रि पूजा की परंपरा
बड़कागांव. प्रखंड का बुढ़वा महादेव मंदिर शिव उपासना का प्रमुख केंद्र माना जाता है. ऊंची पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी प्रसिद्ध है. यहां महाशिवरात्रि और श्रावणी पर्व मनाने की परंपरा करीब 600 वर्ष पुरानी बतायी जाती है. महाशिवरात्रि के अवसर पर 15 फरवरी को मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना, शिव बारात और भक्ति जागरण का आयोजन होगा.
बुढ़वा महादेव समिति द्वारा राम-जानकी मंदिर से शिव बारात निकाली जायेगी. शिवरात्रि में यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. मंदिर परिसर के आसपास जलप्रपात और चार प्राचीन गुफाएं छगरी-गोदरी, द्वारपाल गुफा व मड़ावा खामी आकर्षण का केंद्र हैं. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से पूजा करने पर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
स्थानीय लोगों के अनुसार, कर्णपुरा राज के समय से यहां पूजा की परंपरा चली आ रही है. पहाड पर बने पत्थरों में शेषनाग की आकृति उकेरी गयी है. पहाड़ी की चोटी से बड़कागांव व केरेडारी क्षेत्र का मनोरम दृश्य दिखाई देता है. प्रखंड के विभिन्न शिव मंदिरों में भी शिवरात्रि की तैयारी पूरी कर ली गयी है.प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
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