विनोबा भावे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और ओवरऑल उपलब्धियां

Published at :21 Feb 2016 11:36 PM (IST)
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विनोबा भावे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और ओवरऑल उपलब्धियां

हजारीबाग : विनोबा भावे विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा देने के लिए विभावि प्रशासन एवं शिक्षक प्रयासरत रहते हैं. इसका परिणाम है कि विभावि झारखंड का पहला विश्वविद्यालय है, जिसने सीबीसीएस सिस्टम, समेस्टर सिस्टम अपने यहां पहले लागू किया. मेगा दीक्षांत समारोह: विभावि का सातवां दीक्षांत समारोह मेगा दीक्षांत समारोह के नाम पर जाना […]

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हजारीबाग : विनोबा भावे विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा देने के लिए विभावि प्रशासन एवं शिक्षक प्रयासरत रहते हैं. इसका परिणाम है कि विभावि झारखंड का पहला विश्वविद्यालय है, जिसने सीबीसीएस सिस्टम, समेस्टर सिस्टम
अपने यहां पहले लागू किया.
मेगा दीक्षांत समारोह: विभावि का सातवां दीक्षांत समारोह मेगा दीक्षांत समारोह के नाम पर जाना जा रहा है. इसमें मुख्य अतिथि राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी थे. इसकी तैयारी विभावि ने सात दिनों के अंदर की थी. इसमें वर्ष 2012 से 2015 तक के 5234 विद्यार्थियों को उपाधि दी गयी. कार्यक्रम सुबह 10 बजे से एक बजे रात तक चला.
एमफील की पढ़ाई शुरू: विभावि में इसी वर्ष एमफील की पढ़ाई शुरू कर दी गयी है. सबसे पहले रसायन विषय में इसकी पढ़ाई फरवरी माह में शुरू की गयी. भविष्य में सभी विषयों में एमफील की पढ़ाई शुरू करने की योजना विभावि के पास है. समेस्टर सिस्टम: विश्वविद्यालय में वर्ष 2010 से पीजी स्तर पर समेस्टर सिस्टम लागू हुआ. इसके बाद 2012 में स्नातक स्तर पर समेस्टर सिस्टम को लागू किया गया.
ऑनलाइन व्यवस्था : विभावि ने ऑनलाइन सिस्टम की ओर वर्ष 2014 में अपना कदम बढ़ाया. विश्वविद्यालय ने वर्ष 2014 में सभी विद्यार्थियों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया. अब विश्वविद्यालय में ऑनलाइन परीक्षा लेने की तैयारी हो रही है.
सीबीसीएस सिस्टम: झारखंड में विभावि प्रथम विश्वविद्यालय है, जिसने वर्ष 2014 में स्नातक स्तर पर च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस सिस्टम) लागू किया. सीबीसीएस सिस्टम में विद्यार्थियों को अपने अंदर कौशल विकास करने का अवसर प्राप्त है. इसमें एक कोर विषय है. इसके अलावा विद्यार्थी अपने मन के मुताबिक विषय चुन कर पढ़ाई कर सकते हैं.
कई संस्थानों से एमओयू: विभावि विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आधुनिक बनाने के लिए कई संस्थानों से एमओयू कर रहा है. इसमें एरस्मस मंडस कार्यक्रम है. इसके तहत विश्वविद्यालय के शिक्षक विदेशों में जाकर लेक्चर देते हैं, जिससे शिक्षक नये विषय सामग्री से अवगत होते हैं. हाल ही में आइआइटी मुंबई से एमओयू किया गया है, जिसके तहत स्पोकन ट्यूटोरियल कार्यक्रम लाने की तैयारी है. इसमें कंप्यूटर के ऑडियो विजुअल के माध्यम से कोई भी विद्यार्थी कंप्यूटर की बेसिक से लेकर मेडिकल विषय तक की जानकारी नि:शुल्क ले सकते हैं.
विभावि का सामाजिक कार्यक्रम: विभावि समय-समय पर सामाजिक कार्यक्रम करते रहता है. इसके तहत विभावि ने बिरहोर टंडा, कंडसार को गोद लिया है, जहां विभावि के पदाधिकारी एवं कर्मचारी समय-समय पर जाकर बिरहोरों के बीच जागरूकता फैलाने का काम करते हैं.
इसी तरह विभावि ने शहर के एक सरकारी विद्यालय को गोद लिया है. बच्चों को विभावि की ओर से बैग, कॉपी व कलम भेंट दिये गये. विभावि स्नातक, स्नातकोत्तर अंगरेजी के विद्यार्थी शहर के विभिन्न सरकारी स्कूलों में अंगरेजी की कक्षा लेते हैं.
अतिथि शिक्षकों की बहाली: विभावि के पीजी विभाग से लेकर कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी है. इसे देखते हुए डेढ़ वर्ष के अंदर लगभग 300 अतिथि शिक्षकों की बहाली अनुबंध पर की गयी है. इससे विभाग एवं कॉलेजों में कुछ हद तक शिक्षकों की कमी को दूर किया गया है. सीबीसीएस सिस्टम लागू होने से विद्यार्थियों के अंदर गुणात्मक शिक्षा एवं कौशल वृद्धि की शिक्षा देने का प्रयास विभावि के तरफ से चल रहा है.
विश्वविद्यालय का एल्युमिनी: विभावि विश्वविद्यालय का एल्युमिनी मीट पहली बार फरवरी 2016 में हुआ. इसमें सैंकड़ों पूर्ववर्ती विद्यार्थी उपस्थित हुए. वहीं एल्युमिनी संघ बना. इसके अध्यक्ष डॉ मो जमाल बने इसी तरह सभी विभागों में एल्युमिनी मीट एवं अभिभावक शिक्षक गोष्ठी का आयोजन लगातार हुआ.
पहली बार भरा गयामूल्यांकन प्रपत्र: नैक मूल्यांकन को लेकर सभी विभागों में विद्यार्थियों ने शिक्षकों का भी मूल्यांकन प्रपत्र भरा. इसमें विद्यार्थियों को शिक्षकों का मूल्यांकन प्रपत्र मिला. इस प्रपत्र में विद्यार्थियों को अपना नाम नहीं देना था और शिक्षकों का मूल्यांकन करना था. इसे पहली बार विद्यार्थियों ने भरा. इससे शिक्षकों को अपनी कमजोरी का पता चला. अब यह प्रक्रिया सभी विभाग समय-समय पर अपनाते रहते हैं.
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