10 मिनट की दूरी, आधे घंटे में भी नहीं होती पूरी

Published at :13 Feb 2016 1:34 AM (IST)
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10 मिनट की दूरी, आधे घंटे में भी नहीं होती पूरी

समस्या. ट्रैफिक जाम व दुर्घटना से विद्यार्थी परेशान हजारीबाग : शहर में ट्रैफिक जाम का असर सभी वर्गों पर पड़ रहा है. सबसे अधिक दुर्घटना के शिकार विद्यार्थी हो रहे हैं. विद्यार्थियों ने ट्रैफिक जाम में सुधार लाने की मांग की है. विद्यार्थियों ने सभी स्कूल मार्ग के ट्रैफिक को हमेशा ठीक रखने को कहा […]

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समस्या. ट्रैफिक जाम व दुर्घटना से विद्यार्थी परेशान
हजारीबाग : शहर में ट्रैफिक जाम का असर सभी वर्गों पर पड़ रहा है. सबसे अधिक दुर्घटना के शिकार विद्यार्थी हो रहे हैं. विद्यार्थियों ने ट्रैफिक जाम में सुधार लाने की मांग की है. विद्यार्थियों ने सभी स्कूल मार्ग के ट्रैफिक को हमेशा ठीक रखने को कहा है. डिस्ट्रिक बोर्ड चौक का ट्रैफिक सिग्नल महीनों से खराब है. जबकि शहर के अधिकांश चौक-चौराहों पर कोई सिग्नल लगा ही नहीं है. प्रमंडलीय मुख्यालय, हजारीबाग शहर में ट्रैफिक को लेकर काम नहीं हुआ है. ट्रैफिक को लेकर कोई विशेष योजना नहीं बनायी गयी है.
आकांक्षा एक्का ने कहा कि ट्रैफिक जाम के कारण स्कूल आने में देर होता है. कभी-कभी स्कूल से घर जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है. प्रांजल ने कहा कि ट्रैफिक ठीक नहीं होने के कारण साइकिल से स्कूल आने में डर लगता है. दस मिनट की दूरी आधे घंटे में पूरी होती है.
सिमरन ने कहा कि ट्रैफिक जाम और उस स्थल पर पांच मिनट रुकने में प्रदूषण से काफी परेशानी होती है. सावन मेहता ने कहा कि ट्रैफिक जाम से पेट्रोल और डीजल की खपत अधिक होती है. हमारे कई दोस्तों ने खतरनाक दुर्घटना के बारे में जानकारी देते हैं. विशाल यादव ने कहा कि ट्रैफिक जाम हमारे दिनचर्या को प्रभावित करती है. कभी बारिश, ठंड और कड़ी धूप में घंटों जाम में फंसना पड़ता है. काम बाधित होता है.
आमिर रजा ने कहा कि स्कूल आते समय चौक-चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस नहीं रहती है. ट्रैफिक नियम का पालन भी लोग नहीं करते हैं. यह देख कर अच्छा नहीं लगता है. एंबुलेंस को भी आने-जाने में परेशानी होती है.
आदर्श कुमार ने कहा स्कूल से घर जाने में देर होने पर मां बार-बार पूछती है कि आने में देर क्यों हुई. हर बार ट्रैफिक जाम बताने में भी खराब लगता है. विद्यार्थियों को ज्यादा परेशानी हो रही है. राज ने कहा कि सड़क के किनारे वाहन खड़ा रहने के कारण ट्रैफिक जाम होता है. लोग जहां-तहां गाड़ी खड़ा कर देते हैं. पुलिस ऐसे लोगों की गाड़ी सड़क से हटाये.
सलीश नौशाद ने कहा कि सभी स्कूल छुट्टी और आने के समय ट्रैफिक सही होना चाहिए, जो हजारीबाग शहर में नहीं है. तियास मुखर्जी ने कहा कि हम बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों को भी ट्रैफिक जाम से काफी परेशानी होती है. विभा रानी ने कहा कि शहर की सबसे बड़ी समस्या बढ़ती ट्रैफिक जाम है. इसके कारण हर दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं. युवक मोटरसाइकिल चलाते समय मोबाइल से बात करते रहते हैं. इससे दुर्घटना होने की आशंका रहती है. ट्रैफिक पुलिस ऐसे चालकों पर कार्रवाई नहीं करती है. ट्रैफिक रूल के तहत जुर्माना नहीं होता है.
अमृत राज ने कहा कि बड़े-बड़े बस, ट्रक व सभी तरह के वाहन स्कूल समय ही अधिक गुजरते हैं. इसे रोकना चाहिए. हर्षित झुनझुनवाला ने कहा कि साइकिल चलाना बहुत पसंद है. लेकिन सड़क पर भीड़ रहने के कारण साइकिल से स्कूल नहीं आ पाती हूं.
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