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45 प्रशिक्षुओं अौर प्रशिक्षकों की शारीरिक जांच हुई

Updated at : 15 Jun 2025 11:05 PM (IST)
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45 प्रशिक्षुओं अौर प्रशिक्षकों की शारीरिक जांच हुई

पदमा साई सेंटर में दो दिवसीय जांच शिविर का समापन

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पदमा.

पदमा साई सेंटर में साई सेंटर पदमा एवं यूनिक एंड यूनिटी फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय जांच शिविर का रविवार को समापन हो गया. इस शिविर में हॉकी एवं तीरंदाजी के प्रशिक्षुओं व प्रशिक्षकों का विशेषज्ञों की टीम द्वारा फिजिकल एसेसमेंट किया गया. इसमें बॉडी कंपोजिशन, बोन डेंसिटी, फैट एंड मसल कंटेंट ऑफ बॉडी, वाटर कंसन्ट्रेशन ऑफ बॉडी, एज टू ग्रोथ डेवलपमेंट सहित अन्य जांच की गयी. जांचोपरांत रिपोर्ट के आधार पर कर्नल सह स्पोर्ट्स मेडिसिन के डॉ शैलेंद्र कुमार ने खिलाड़ियों को अभ्यास के दौरान लगने वाले चोट से बचाव, एक्सरसाइज, संतुलित व पोषणयुक्त आहार व आवश्यक दवा लेने की सलाह दी. सेंटर में पहली बार इस तरह के मेडिकल कार्यक्रम से खिलाड़ी उत्साहित थे. शिविर में लगभग 45 लोगों ने शारीरिक जांच करा कर जीवनशैली में बदलाव लाने का संकल्प लिया.यूनिक एंड यूनिटी फाउंडेशन के निदेशक सह राष्ट्रीय खिलाड़ी अनिल कुमार ने कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रत्येक नागरिक को स्वस्थ होना जरूरी है. खेल पूर्णतः विज्ञान का रूप ले चुका है. इसलिए वैज्ञानिक तरीके से अभ्यास व समय-समय पर खेल चिकित्सक की देखरेख में शारीरिक जांच करानी चाहिए. शिविर में साई के हॉकी प्रशिक्षक विवेक चतुर्वेदी एवं तकनीकी जांच अधिकारी पुष्पक और सौम्या भी उपस्थित थे. शिविर के आयोजन में आयोजित समिति के सदस्य धनजीत, साई के कनीय लेखापाल सन्नी सिंह, सहायक प्रशिक्षक आबिद अली, दानिश अंसारी, प्रशिक्षक शशिकांत, कुशल पाल सिंह, अमृत लाल, समीर, गौरव एवं महिला वार्डन करिश्मा नायक का सराहनीय योगदान रहा. धनजीत ने शिविर के लिए साई सेंटर पदमा का आभार व्यक्त किया. भविष्य में भी ऐसे सहयोग की उम्मीद जतायी.

पदमा में चिकित्सीय सेंटर बनने पर हर सहयोग : कर्नल शैलेंद्र

शिविर में कर्नल कुमार ने कहा कि पदमा सेंटर का लक्ष्य स्वस्थ समाज का निर्माण व उत्कृष्ट खिलाड़ी निकाल कर राज्य व राष्ट्र का नाम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करना होना चाहिए. अगर खिलाड़ियों का इलाज लंबे समय तक चलता है, तो इससे खेल के प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. किसी भी खिलाड़ी को अभ्यास के दौरान मैदान में लगने वाले चोट को मैदान में ही ठीक करने को स्पोर्ट्स थेरेपी व स्पोर्ट्स मेडिसिन कहते हैं. पदमा में खेल विज्ञान व चिकित्सीय रिसर्च सेंटर बनाने की पहल की जाती है, तो वह तकनीकी जानकारी के साथ सभी तरह का सहयोग देने का प्रयास करेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUNIL PRASAD

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By SUNIL PRASAD

SUNIL PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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