जिले के पशु चिकित्सालयों की स्थिति बदतर, कैसे हो मवेशियों का इलाज
Updated at : 12 May 2019 1:46 AM (IST)
विज्ञापन

हजारीबाग : जिले के पशु चिकित्सालयों में पशु चिकित्सकों की कमी है. दस में मात्र तीन प्रखंडों में ही पशु चिकित्सक कार्यरत हैं. सात पशु चिकित्सालयों में चिकित्सक नहीं हैं. नतीजा जानवरों का सही तरीके से इलाज नहीं हो पा रहा है. पशु चिकित्सालयों की स्थिति भी बदतर है. ग्रामीण बीमार मवेशियों को लेकर झोला […]
विज्ञापन
हजारीबाग : जिले के पशु चिकित्सालयों में पशु चिकित्सकों की कमी है. दस में मात्र तीन प्रखंडों में ही पशु चिकित्सक कार्यरत हैं. सात पशु चिकित्सालयों में चिकित्सक नहीं हैं. नतीजा जानवरों का सही तरीके से इलाज नहीं हो पा रहा है. पशु चिकित्सालयों की स्थिति भी बदतर है. ग्रामीण बीमार मवेशियों को लेकर झोला छाप डॉक्टरों पर निर्भर रहते हैं.
जिन चिकित्सालयों में हैं चिकित्सक : इचाक, सदर एवं कटकमसांडी प्रखंड में पशु चिकित्सक हैं. चौपारण, बड़कागांव, बरकट्ठा, चुरचू, बरही, विष्णुगढ़ एवं केरेडारी प्रखंड में प्रखंड पशु चिकित्सक नहीं हैं. टाटीझरिया, पदमा, कटकमदाग, दारू, डाडी एवं चलकुशा प्रखंड में नये पशु चिकित्सक का पद सृजित है, लेकिन चिकित्सक कार्यरत नहीं है.
बरही एवं पदमा प्रखंड में पशु औषधालय जर्जर है, जो कभी भी गिर सकता है. बरही एवं पदमा प्रखंड में पशु औषधालय बनाने को लेकर सरकार को पत्र लिखा गया है. जिले में 16 पशु चिकित्सालय हैं. सभी जगहों पर भ्रमनशील पशु चिकित्स कार्यरत हैं, जो अपनी सेवा दे रहे हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




