ePaper

हजारीबाग : डायन-बिसाही का आरोप लगा कर हत्या करनेवाले दो को फांसी की सजा, सात बरी

Updated at : 22 Aug 2018 8:15 AM (IST)
विज्ञापन
हजारीबाग : डायन-बिसाही का आरोप लगा कर हत्या करनेवाले दो को फांसी की सजा, सात बरी

हजारीबाग : हजारीबाग के बड़कागांव निवासी छोटेलाल किस्कू की हत्या के आरोपी सोहन मांझी और बृजलाल मुर्मू को मंगलवार को फांसी की सजा सुनायी गयी. व्यवहार न्यायालय के प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश सत्येंद्र कुमार सिंह की अदालत ने यह फैसला सुनाया. कोर्ट ने नौ नामजद आरोपियों में से सात आरोपियों सुकुमारी देवी, मधु देवी, सीमा […]

विज्ञापन
हजारीबाग : हजारीबाग के बड़कागांव निवासी छोटेलाल किस्कू की हत्या के आरोपी सोहन मांझी और बृजलाल मुर्मू को मंगलवार को फांसी की सजा सुनायी गयी. व्यवहार न्यायालय के प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश सत्येंद्र कुमार सिंह की अदालत ने यह फैसला सुनाया. कोर्ट ने नौ नामजद आरोपियों में से सात आरोपियों सुकुमारी देवी, मधु देवी, सीमा देवी, रीता देवी, सरस्वती देवी, नरेश मुर्मू और रतिलाल मुर्मू को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया.
गांव में पहले पिटाई की गयी थी छोटेलाल की : बड़कागांव निवासी छोटेलाल किस्कू की हत्या काफी चर्चा में रही थी. किस्कू की हत्या डायन-बिसाही के आरोप में हुई थी. घटना से कुछ दिन पहले पसरिया चिरूंआ गांव निवासी सोहन मांझी के पुत्र की मौत हुई थी. परिवार के लोगों का मानना था कि सोहन के पुत्र की मौत का जिम्मेवार गांव का ही छोटेलाल किस्कू है. किस्कू डायन-बिसाही का काम करता है.
इस पर सोहन के परिजनों ने छोटेलाल किस्कू की पिटाई कर दी. गांववालों के हस्तक्षेप के बाद उस समय मामला शांत हो गया. लेकिन चंद दिनों बाद ही छोटेलाल जब बड़कागांव बाजार से घर लौट रहा था, तब सोहन मांझी, बृजलाल मुर्मू समेत पांच महिलाओं ने उसे पकड़ लिया.
इसके बाद छोटेलाल को रस्सी से बांध दिया और घसीटते हुए गोल पहाड़ पत्थर के पास ले गये. जहां टांगी से वार कर उसकी हत्या कर दी गयी. फिर शव को जला दिया गया.
बेटे के बयान पर नौ लोगों पर दर्ज हुआ था केस : प्रभारी लोक अभियोजक उदय प्रताप सिंह ने बताया कि छोटेलाल किस्कू की हत्या को लेकर उसका बेटा लेखलाल मांझी ने थाना में मामला दर्ज कराया. इसमें सोहन मांझी और बृजलाल मुर्मू समेत नौ लोगों को आरोपी बनाया गया. पुलिस जांच के दौरान सोहन मांझी की गिरफ्तारी के बाद हत्या का खुलासा हुआ.
सोहन ने घटनास्थल की जानकारी दी और हत्या में शामिल हथियार को बरामद कराने के साथ हत्या करने की बात भी कबूली. छोटेलाल किस्कू के जल चुके शव और उसके पुत्र लेखलाल मांझी का डीएनए टेस्ट हुआ. इससे शव की पहचान हो सकी. गवाहों के बयान और साक्ष्यों के बाद कोर्ट ने फांसी का फैसला सुनाया.
हजारीबाग : 13 नवंबर 2014 को छोटेलाल किस्कू की हत्या के बाद आरोपियों ने शव को जला दिया था
क्या है मामला : हजारीबाग के बड़कागांव में 13 नवंबर 2014 को छोटेलाल किस्कू की हत्या गोल पहाड़ पत्थर के पास हुई थी. टांगी से काटकर छोटेलाल की हत्या की गयी थी. साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को जला दिया गया था. बड़कागांव थाना में हत्या का मामला दर्ज होने के बाद मुख्य आरोपी सोहन मांझी और बृजलाल मुर्मू को गिरफ्तार किया गया था.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola