संस्कृत कॉलेज के लिए बनेगी कमेटी

Updated at : 30 Jul 2018 2:36 AM (IST)
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संस्कृत कॉलेज के लिए बनेगी कमेटी

हजारीबाग : विभावि अंतर्गत तीन अंगीभूत एवं तीन संबद्ध प्राप्त संस्कृत कॉलेज है. इन कॉलेजों में शिक्षकों की कमी, कर्मचारियों की कमी, आचार्य एवं बीएड की पढ़ाई शुरू करने का मुद्दा सदन के समक्ष आया. निर्णय लिया गया कि संस्कृत कॉलेज को ठीक करने के लिए एक कमेटी का गठन किया जायेगा. कमेटी संस्कृत कॉलेज […]

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हजारीबाग : विभावि अंतर्गत तीन अंगीभूत एवं तीन संबद्ध प्राप्त संस्कृत कॉलेज है. इन कॉलेजों में शिक्षकों की कमी, कर्मचारियों की कमी, आचार्य एवं बीएड की पढ़ाई शुरू करने का मुद्दा सदन के समक्ष आया. निर्णय लिया गया कि संस्कृत कॉलेज को ठीक करने के लिए एक कमेटी का गठन किया जायेगा. कमेटी संस्कृत कॉलेज की सभी समस्याओं को समेकित कर रिपोर्ट तैयार करेगी.
इसी के आधार पर संस्कृत कॉलेज की समस्याओं को समाप्त किया जायेगा. इसके अलावा प्रो इंचार्ज को नन वेकेशनल मानने के प्रस्ताव पर सदन ने कुलपति को अधिकृत किया है. शिक्षकों के प्रोन्नति के मामले को जल्द पूरा करने का निर्णय सदन में लिया. 2008 में नियुक्त शिक्षकों को बकाया का दूसरा एवं तीसरा किस्त नहीं दिये जाने का निर्णय लिया गया. यह राशि राज्य सरकार से प्राप्त होने पर देने की बात पारित की गयी.
बीएड एवं लॉ कॉलेज में आराजकता समाप्त करने का प्रस्ताव डॉ कन्हैया प्रसाद का था. इस पर कुलसचिव ने कहा कि यह चिंता का विषय है. जिस पर पिछले कई माह से काम चल रहा है. इसका परिणाम जल्द ही आयेगा. सेवानिवृत्त कर्मचारियों को एसीपी एवं एमएसीपी का लाभ दिये जाने का प्रस्ताव डॉ चंद्रशेखर सिंह का था. इस पर निर्णय लिया गया कि सरकार से रकम प्राप्त होने पर इसका लाभ दिया जायेगा. वीक्षण कार्य,
आवास भत्ता, आतंरिक परीक्षा से संबंधित पारिश्रमिक बढ़ाने के मुद्दे पर निर्णय लिया गया कि वित्तीय भार की गणना के बाद निर्णय लिया जायेगा. अनिल कुमार के प्रस्ताव पर निर्णय लिया गया कि विभावि एवं विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के बीच कैडर का बंटवारा नहीं हुआ है. कैडर बंटवारा के पूर्व दोनों विश्वविद्यालय की सहमति पर शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का प्रोन्नति का मामला सलटा लिया जायेगा. विभावि सीनेट की 15वीं बैठक में विनोद बिहारी महतो विश्वविद्यालय कोयलांचल में पढ़नेवाले कई कॉलेजों के मुद्दे रखे गये.
इन मुद्दों को विनोद बिहारी महतो विश्वविद्यालय कोयलांचल के सीनेट में ले जाने की सलाह सदस्यों को कुलपति ने दी. विभावि से अलग होकर विनोद बिहारी महतो विश्वविद्यालय बना है. कोयलांचल विश्वविद्यालय में पड़नेवाले कॉलेजों का एजेंडा अब विभावि सीनेट में नहीं आयेगा. बैठक में डॉ एनके सिंह, डॉ पुष्पा सिन्हा, डॉ सुबोध सिंह, डॉ ओंकारनाथ मिश्र, डॉ कौशल कुमार, बालेश्वर राम, डॉ ब्रह्मदेव मिश्र, डॉ स्नेहलता प्रसाद, डॉ रामाशंकर मणि त्रिपाठी, डॉ एसपी शर्मा, देवराज, रंजीत कुमार राय, राजेश साह, डॉ टीके प्रधान, अन्नु कुमारी, निवेदिता कुमारी, डॉ सुकल्याण मोइत्रा, डॉ प्रमोद कुमार, डॉ वीरेंद्र कुमार गुप्ता, डॉ रेखा रानी, डॉ मिथलेश कुमार सिंह, डॉ विमल रेवेन, डॉ सुशील टोप्पो, डॉ अजय मुरारी, सांवरमल अग्रवाल, डॉ पीसी देवधरिया, डॉ विपीन कुमार, डॉ सुरेंद्र सिन्हा समेत अन्य सदस्य
उपस्थित थे.
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