हरे-भरे वादियों व किले के बीच पिकनिक मनाना हो तो बादम आइये

Published at :25 Dec 2017 8:21 PM (IST)
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हरे-भरे वादियों व किले के बीच पिकनिक मनाना हो तो बादम आइये

हजारीबाग जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर में स्थित है.बादम किला मध्य कालिन इतिहास का साक्षात गवाह के रूप में आज भी खड़ा है .यह बड़कागांव प्रखंड के बादम पंचायत के अहारों नदी के तट पर स्थित है.आहारों नदी झारखंड का प्रधान सहायक नदी है. यहां का भौगोलिक एवं प्राकृतिक नजारा से आकर्षित होकर करणपुरा […]

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हजारीबाग जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर में स्थित है.बादम किला मध्य कालिन इतिहास का साक्षात गवाह के रूप में आज भी खड़ा है .यह बड़कागांव प्रखंड के बादम पंचायत के अहारों नदी के तट पर स्थित है.आहारों नदी झारखंड का प्रधान सहायक नदी है. यहां का भौगोलिक एवं प्राकृतिक नजारा से आकर्षित होकर करणपुरा के राजा दलेल सिंह ने बादाम को राजधानी के रुप में स्थापित किया था. बादम 16 85 ईसवी में राजधानी बना था. उसी समय बादम में भव्य किले एवं महल निर्माण किया गया था .उस समय राजा दलेल सिंह के समय बादम शांति ,सौहार्द और भाईचारगी के नाम से पूरे छोटानागपुर में प्रसिद्ध था .बादम से पहले कर्णपुरा राज की राजधानी चतरा जिले के टंडवा प्रखंड के ग्राम सिसई में था.और इसका मुख्यालय बड़कागॉव था.
राजा दलेल सिंह का पुस्तक शिव सागर के अनुसार मुगलों के आक्रमण से बचने के लिए सुरक्षा की दृष्टिकोण से सिसई से बादम में राजधानी के रूप परिवर्तित कर दिया गया.बादम के गढ़ को बचाने के लिए सिसई व बड़कागॉव के किले में सेना तैनात रहते थे .जब इसकी जानकारी मिली तो राजा दलेल सिंह की संधि छोटानागपुर के राजा से हुई .तब इसे रामगढ़ राज में परिवर्तित कर दिया गया.
ब्रिटिश काल मे रामगढ़ राज के छठे राजा हेमंत सिंह अपने देश के लिए अंग्रेजो से झुकना पसंद नही किये.अंग्रेज सिपाही राजा हेमंत सिंह को गिरफ्तार कर काला पानी की सज़ा के लिए अंडमान निकोबार ले जाया जा रहा था ,उस समय हेमन्त सिंह ने समुद्र में कूद कर जान गवा दी. हेमंत सिंह खुद मर जाना अच्छा समझ पर अंग्रेजो के सामने झुकना पसंद नही किया.
बादम के किले के पास हैरत अंगेज गुलाब का पौधा है. बादम के किले निर्माण के समय 1685 में राजा दलेल सिंह की पत्नी के कहने पर गुलाब का पौधा लगाया गया था. जो आज भी हरा -भरा है.यह गुलाब आज भी खिल कर राजा -रानी के प्यार का संदेश फैला रहा है.यह गुलाब का पौधा का शाखा काफि विस्तार से फैल गया है.इस फूल से परंपरा बन गया है कि हर 14 फरवरी को नए दूल्हे-दुल्हन व प्रेमी-प्रेमिका इस फूल से अपने प्यार का इज़हार करते है.
बादम के मुखिया दीपक दास का कहना है कि बादम के किले एतिहासिक स्थल है .इसे सुरक्षा देना सरकार का कर्तब्य है.शिक्षक जैलाल सगीर ने इसे राज्य सरकार से सुरक्षा देनी की माँग की है.
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