घाघरा. घाघरा प्रखंड में 70 साल पुरानी परंपरा टूटेगी. प्रखंड में इस बार रामनवमी जुलूस नहीं निकाला जायेगा. पिछले 70 वर्षों से जिस घाघरा थाना से रामनवमी का जुलूस निकलता था. उस थाने की पुलिस की कार्रवाई से भयभीत ग्रामीणों ने रामनवमी नहीं मनाने का निर्णय लिया है. घाघरा प्रखंड मुख्यालय स्थित हाई स्कूल मैदान के प्रांगण में केंद्रीय महावीर मंडल की बैठक रविवार को हुई. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि घाघरा पुलिस द्वारा पिछले दुर्गा पूजा में चंदा को लेकर चाकूबाजी करने वाले हमलावर के साथ थाना में मारपीट की घटना में द्वेषपूर्ण कार्रवाई से भयभीत होकर रामनवमी का जुलूस नहीं निकालने का निर्णय लिया गया. साथ ही किसी भी तरह का मेला या जुलूस का कोई भी आयोजन घाघरा प्रखंड में नहीं होगा. उपस्थित लोगों ने कहा कि पिछले दुर्गा पूजा के दौरान चंदा के समय चाकूबाजी हुई थी. इस पर स्थानीय घाघरा पुलिस द्वारा पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की जा रही है. पुलिस द्वारा जितने भी लोग वीडियो फुटेज में दिख रहे हैं. उन सभी को अभियुक्त बनाया गया है. घटना की सूचना के बाद कई लोग मामले की जानकारी लेने थाना पहुंचे थे. परंतु उनलोगों को भी पुलिस ने अभियुक्त बना दिया. इसके डर से इस वर्ष रामनवमी नहीं मानने का निर्णय लिया गया. बैठक में लोगों ने कहा रामनवमी जुलूस के दौरान पारंपरिक हथियार के साथ सभी लोग रहते हैं. यदि किसी असामाजिक तत्व या किसी द्वारा कुछ अनहोनी होती है, तो पुनः पुलिस प्रशासन द्वारा लोगों को अभियुक्त बनाया जायेगा और रामनवमी के दौरान हजारों हजार की भीड़ होती है. ऐसे में हजारों लोग अभियुक्त बन जायेंगे. इसको देखते हुए रामनवमी नहीं मनाने का निर्णय लिया गया. बैठक में बिपिन बिहारी सिंह, अशोक उरांव, संजय सिंह, अखिलेश्वर साहू, नीरज जायसवाल, अमित कुमार ठाकुर, प्रवीण कुमार, दिनेश कुमार नाग, विक्की साहू, सुचित गोस्वामी, नीरज कुमार, रमेश प्रसाद गुप्ता, मुकेश कुमार महापात्र, संतोष गुप्ता, प्रभात साहू, सुलेश्वरी प्रसाद साहू, परमेश्वर साय, रूपेश सिंह, नीरज कुमार साहू, घनश्याम सिंह, रामू सिंह, सुनील कुमार, वीरेंद्र कुमार, विपिन कुमार, नवीन कुमार साहू, सुदन महतो, विशाल साहू, पवन कुमार आदि मौजूद थे.
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