बिजली विभाग के इंजीनियर पर EOU का शिकंजा, 7 ठिकानों पर छापेमारी

Updated at : 17 Mar 2026 12:45 PM (IST)
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Bihar News

सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज होती जा रही है. आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने NBPDCL के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके सात ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है.

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Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आज तड़के एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. बिजली विभाग (NBPDCL) के एक कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक के सात ठिकानों पर एक साथ रेड की गई है.

जैसे ही ईओयू की टीम सुबह-सुबह इंजीनियर के आवास पर पहुंची, महकमे में हड़कंप मच गया. प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि साहब ने अपनी वैध कमाई से करीब 62.66% अधिक संपत्ति बटोर रखी है.

सुबह की नींद टूटी तो सामने खड़ी थी EOU की टीम

आर्थिक अपराध इकाई को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि मधुबनी के जयनगर में तैनात कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक ने पद का दुरुपयोग कर अवैध तरीके से अकूत धन जमा किया है. ठोस सबूत मिलने के बाद ईओयू ने आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया और कोर्ट से सर्च वारंट लेकर छापेमारी शुरू की.

दरभंगा से लेकर सुपौल तक फैले इनके साम्राज्य को देखकर अधिकारी भी हैरान हैं. रेड के दौरान घर के अंदर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक पासबुक और निवेश से जुड़े कागजात बरामद किए गए हैं, जिनका मिलान इंजीनियर की सैलरी प्रोफाइल से किया जा रहा है.

दरभंगा, मधुबनी और सुपौल के 7 ठिकानों पर छापा

मनोज कुमार रजक के दरभंगा स्थित निजी आवास, जयनगर (मधुबनी) स्थित कार्यालय और आवास, तथा सुपौल जिले के निर्मली और करजाईन स्थित ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई. छापेमारी केवल उनके घर तक सीमित नहीं है. छापेमारी में शामिल अधिकारियों का कहना है कि शाम तक चल रही इस जांच में चल-अचल संपत्ति के बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.

भ्रष्टाचार के खिलाफ नीतीश सरकार का सख्त एक्शन

बिहार में पिछले कुछ महीनों से भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई और निगरानी विभाग ने मोर्चा खोल रखा है.

इंजीनियर साहब ने संपत्तियों को अपने रिश्तेदारों के नाम पर भी निवेश कर रखा है, जिसकी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं. ईओयू जल्द ही जब्त की गई नकदी और गहनों का आधिकारिक विवरण साझा कर सकती है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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