झारखंड के गुमला में ऑफिस खुलने का करते रह गये इंतजार, ढूंढे नहीं मिले ऑफिसर, बैरंग लौटे ग्रामीण

Updated:
विज्ञापन

Jharkhand News: गुमला के प्रखंड आपूर्ति कार्यालय और कृषि कार्यालय आज नहीं खुले. इन कार्यालयों के नहीं खुलने के कारण शहर से लेकर गांव तक के लोगों को अपना काम कराये बिना ही बैरंग लौटना पड़ा.

विज्ञापन

Jharkhand News: कोई तो सुने हमारी फरियाद. ब्लॉक ऑफिस खुलता नहीं है. अधिकारी मिलते नहीं हैं. ऐसे में हम अपनी फरियाद कहां रखें और सुनायें. यह कहना है गुमला के लोगों का. गुमला प्रखंड में सरकारी कार्यालयों के खुलने का कोई समय तय नहीं है. अधिकारी अपनी मर्जी से आते व जाते हैं. गुमला प्रखंड का प्रखंड आपूर्ति कार्यालय और प्रखंड कृषि कार्यालय सोमवार को बंद रहा. हालांकि अन्य कार्यालय सुबह में समय पर खुल चुके थे, परंतु आपूर्ति कार्यालय और कृषि कार्यालय नहीं खुले. इन कार्यालयों के नहीं खुलने के कारण शहर से लेकर गांव तक के लोगों को अपना काम कराये बिना ही बैरंग लौटना पड़ा.

आपके शहर में

विज्ञापन

प्रखंड आपूर्ति कार्यालय की बात करें तो इस कार्यालय में अपने राशन कार्ड संबंधित काम को लेकर कई लोग पहुंचे थे. गुमला शहर के लोहरदगा रोड डाड़ुटोली निवासी सविता देवी को अपने बेटे का नाम राशन कार्ड में जुड़वाना है. मेन रोड निवासी रेणु देवी का राशन डीलर राशन देने में मनमानी करता है. इसलिए उन्हें अपने राशन कार्ड को किसी दूसरे राशन डीलर के पास हस्तांतरित करवाना है. मेन रोड की सुनीता गुप्ता को अपना नया राशन कार्ड बनवाना है. बड़ाईक मुहल्ला के निरंजन कुमार यादव को राशन कार्ड में अपने परिवार के एक सदस्य का नाम जुड़वाना है. इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्र पतिया ग्राम के बिजुल खड़िया को अपने परिवार के एक सदस्य का नाम राशन कार्ड में जुड़वाना है.

Also Read: Jharkhand News: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार के दूसरे मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर हुए कोरोना पॉजिटिव

भरनो करंज की बुधनी खड़ियाइन को अपना राशन कार्ड करंज से गुमला के किसी राशन डीलर के पास हस्तांतरित करवाना है. इन सभी कामों के लिए आवेदन में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के हस्ताक्षर की जरूरत है. इसके लिए प्राय: लोग विगत 20-25 दिनों से कई लोग तो एक माह से भी अधिक समय से प्रखंड आपूर्ति कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं. परंतु अधिकारी के दर्शन नहीं हो रहे हैं. उन लोगों ने बताया कि कभी कार्यालय बंद रहता है तो प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी कार्यालय में नहीं रहते हैं. उनके नहीं रहने के कारण हमारे आवेदन में उनका हस्ताक्षर नहीं हो पा रहा है. हस्ताक्षर के अभाव में हमारा काम नहीं हो पा रहा है. उन लोगों ने बताया कि प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी से मुलाकात नहीं हो पाने के कारण कभी उपायुक्त कार्यालय तो कभी जिला आपूर्ति पदाधिकारी के कार्यालय का भी चक्कर लगा चुके हैं. वहां जाने पर प्रखंड कार्यालय भेजा जाता है और प्रखंड कार्यालय जाने पर वहां प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी से मुलाकात नहीं हो पाता है. जिस कारण हमारा काम नहीं हो पा रहा है. इसी प्रकार प्रखंड कृषि कार्यालय भी बंद होने के कारण क्षेत्र के किसानों को बिना काम कराये ही बैरंग लौटना पड़ रहा है.

Also Read: झारखंड की कोयला नगरी धनबाद में देर रात हिली धरती, भूकंप के हल्के झटके हुए महसूस, घरों से बाहर निकले लोग

रिपोर्ट: जगरनाथ

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola