ePaper

ग्रामीणों का फरमान, नौ गांवों में हड़िया दारू की बिक्री पर रोक, बेचने पर होगी कार्रवाई

Updated at : 26 Oct 2025 8:32 PM (IST)
विज्ञापन
ग्रामीणों का फरमान, नौ गांवों में हड़िया दारू की बिक्री पर रोक, बेचने पर होगी कार्रवाई

ग्रामीणों का फरमान, नौ गांवों में हड़िया दारू की बिक्री पर रोक, बेचने पर होगी कार्रवाई

विज्ञापन

दुर्जय पासवान, गुमला सिसई प्रखंड के नौ गांव के ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से फरमान जारी किया है. नौ गांवों में हड़िया व दारू की बिक्री पर रोक लगा दिया गया है. अगर कोई हड़िया व दारू बेचते हुए पकड़ा जाता है, तो पचोरा बारह पड़हा द्वारा कार्रवाई की जायेगी. साथ ही पुलिस को सौंपकर सीधे जेल भेजने की कार्रवाई होगी. सिसई के दारी, लालपुर, कुर्गी, गम्हरिया, कोचा, घाघरा, कापोटोली, शिवनाथपुर, डहूटोली गांव में हड़िया दारू की बिक्री पर रोक लगाया गया है. हड़िया व दारू की बिक्री पर रोक लगाने को लेकर ग्रामीणों की बैठक ऐतिहासिक दारी गांव के खतरूटोंगरी पहाड़ में हुई. इसमें सैंकड़ों ग्रामीण मौजूद हुए. इन गांवों को नशामुक्त करने व गांवों में लगने वाले जतरा मेला में किसी प्रकार का हादसा न हो. इसलिए ग्रामीणों ने यह निर्णय लिया है. दारी पहाड़ में 10 नवंबर को ऐतिहासिक जतरा है सिसई प्रखंड के दारी पहाड़ में पचोरा बारह पड़हा द्वारा 10 नवंबर को प्राचीन जतरा का आयोजन किया गया है. इस जतरा में हजारों लोग भाग लेंगे. हड़िया दारू की बिक्री पर रोक लगाने के अलावा दारी जतरा को भी सफल बनाने पर चर्चा की गयी है. सुकरू उरांव ने कहा है कि पूर्वजों के काल से यहां जतरा लग रहा है. चूंकि यह जतरा पहाड़ के ऊपर लगता है. इसलिए इसे दारी पहाड़ जतरा कहा जाता है. यह पहाड़ जमीन तल से सैंकड़ों फीट ऊंचा है. इस जतरा में 50 गांव से अधिक लोग भाग लेते हैं और अपनी परंपरा व संस्कृति का प्रदर्शन करते हैं. इस जतरा को लगाने का मुख्य मकसद वर्तमान पीढ़ी अपनी परंपरा व संस्कृति को जाने और उसे जीवित रखे. उन्होंने कहा कि यहां जतरा सैकड़ों सालों से लगते आ रहा है. हम अपनी संस्कृति, परंपरा को बचाने में लगे हुए हैं. इसलिए पूर्वजों के जमाने से दारी जतरा की परंपरा को जीवित रखे हैं. इस बार भी भव्य रूप से दारी जतरा लगेगा. लेकिन इससे पहले दारी व आसपास के गांवों में हड़िया व दारू की बिक्री पर रोक लगा दिया गया है. अगर कोई बेचते पकड़ा गया, तो उसे पुलिस को सौंप दिया जायेगा. सोमरा पहान, पहान, दारी गांव

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Akarsh Aniket

लेखक के बारे में

By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola