डुमरी. डुमरी प्रखंड में किसानों की जमीन के सर्वे में त्रुटि हुई है. यह मामला विस सत्र के शून्यकाल के दौरान रखा गया है. गुमला विधायक भूषण तिर्की ने विधानसभा सत्र के शून्य काल में कहा है कि गुमला विस क्षेत्र के डुमरी प्रखंड एक जनजातीय बहुल क्षेत्र है. डुमरी प्रखंड का अंतिम सर्वे 1985-86 में हुआ था. लेकिन सर्वे के दौरान कई त्रुटियां सर्वे कर्मियों द्वारा हुआ है. इसमें जिस किसान की पांच एकड़ जमीन है, उसका एक एकड़ कर दिया गया है. जिस किसान का एक एकड़ जमीन है, उसकी जमीन पांच डिसमिल कर दी गयी है. कई किसानों की जमीन का सर्वे के दौरान चढ़ाया नहीं गया है. आश्चर्यजनक बात यह है कि ऑनलाइन हुए जमीन का रसीद किसान कटवाने जाते हैं, तो पता चलता है कि 65 वर्ष से राजस्व जमा नहीं हुआ है. जबकि डुमरी के किसान ऑफलाइन रसीद कटवा चुके हैं, जिससे डुमरी प्रखंड के किसान परेशान व चिंतित हैं. राजस्व विभाग द्वारा किसी तरीके का सुधार नहीं किया जा रहा है. विभाग के वरीय अधिकारी सुधार के नाम पर अपना हाथ खड़ा कर लेते हैं. यहीं वजह है कि डुमरी प्रखंड के किसान 1985-86 के बाद से अपनी जमीन की रसीद कटवा रहे है. मैं सदन से मांग करता हूं कि प्रखंड में सर्वे के दौरान हुईं त्रुटियों को सुधार करते हुए किसानों का रसीद काटा जाये.
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