1. home Hindi News
  2. state
  3. jharkhand
  4. gumla
  5. the naxalites stopped work so the villagers of goinadhara shramdaan and repaired the 3 km road smj

नक्सलियों ने रोका काम, तो गोईनधारा के ग्रामीणों ने श्रमदान से 3 किमी सड़क मरम्मत की

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Jharkhand news : श्रमदान से 3 किलोमीटर सड़क मरम्मत करते गोईनधारा के ग्रामीण.
Jharkhand news : श्रमदान से 3 किलोमीटर सड़क मरम्मत करते गोईनधारा के ग्रामीण.
प्रभात खबर.

Jharkhand news, Gumla news : गुमला : गुमला जिला के पालकोट प्रखंड के बिलिंगबिरा पंचायत घोर उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र है. भाकपा माओवादियों का गढ़ है. नक्सलियों ने इस क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क का निर्माण पर रोक लगा दी है. सड़क नहीं बनने से ग्रामीणों को कच्ची सड़क में आवागमन करने से परेशानी हो रही है. इस समस्याओं को देखते हुए ग्रामीणों ने श्रमदान से शुक्रवार (16 अक्टूबर, 2020) को 3 किलोमीटर कच्ची सड़क की मरम्मत कर चलने लायक बना डाला. ग्रामीणों ने श्रमदान कर गोइनधारा गांव से चुटिया डुबा घाटी तक सड़क निर्माण की है.

ग्रामीणों ने कहा कि चुटिया डुबा नदी में पुल निर्माण का काम हो रहा था. तभी माओवादियों द्वारा सवेंदक से लेवी की मांग की गयी. लेवी नहीं देने पर संवेदक के वाहन को आग के हवाले कर दिया गया था. तब से काम बंद है. आज तक कार्य नहीं हुआ है. इसके बाद ग्रामीणों ने बैठक कर सर्वसम्मति से श्रमदान कर सड़क निर्माण करने का निर्णय लिया. इसके तहत शुक्रवार को श्रमदान कर सड़क बनाया गया.

ग्रामीण केश्वर सिंह, काशीनाथ सिंह, प्रमोद यादव, भुनेश्वर कुल्लू, निर्मल सिंह ने कहा कि पुलिस प्रशासन आम जनता से भेंट करने आती है और बोलती है कि गांव घरों में जो भी समस्या है. उसे बताये. हम गांव वाले समस्या को बताते हैं, लेकिन हमारी समस्या का समाधान नहीं हुआ है.

अगर चुटिया डुबा नदी में पुल बन जाता, तो गोईनधारा, लवखमन, जामझरिया, चरकागोड़ी, रायटोली, करमभाडी़, बिलिंगसिरी गांव के 2000 लोगों को आवागमन में सुविधा मिलती. श्रमदान करने वाले में भीम गोप, जयपाल सिंह, बजरंग सिंह, बेचन सिंह, जनक गोप, विरेंद्र गोप, बालगोविंद सिंह, मलकू सिंह, नरेंद्र सिंह सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे.

पक्की सड़क और पुल की है जरूरत

समाजसेवी केश्वर सिंह ने कहा कि घाटी के बीचोंबीच एक चुटिया डुबा नदी है, जो बरसात में भर जाने से प्रखंड मुख्यालय से आवगमन कट जाता है. जरूरत पड़ने पर लोग नदी के बीच से जान हथेली पर रखकर सफर करते हैं. यहां पुल और पीसीसी सड़क की जरूरत है. अगर जल्द पुल और सड़क बन जायेगी, तो लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी. फिलहाल ग्रामीणों ने श्रमदान कर 3 किमी सड़क चलने लायक बनायी है, लेकिन यह कच्ची सड़क ज्यादा दिनों तक चल नहीं पायेगी. प्रशासन से अपील है कि सड़क और पुल जल्द बनवा दें.

Posted By : Samir Ranjan.

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें