गुमला में 4.95 लाख लोगों की जांच, 364 में सिकल एनीमिया की पुष्टि, 1475 संदिग्ध मिले

Updated at : 03 Apr 2025 7:46 PM (IST)
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Sickle Cell Anaemia Screening in Gumla

सिकल सेल एनीमिया की हो रही है गुमला जिले में सघन जांच. फोटो : प्रभात खबर

Sickle Cell Anaemia Screening in Gumla: आदिवासी बहुल जिला गुमला में 4.95 लाख लोगों की सिकल सेल एनीमिया जांच हुई है. इसमें 364 लोगों में सिकल सेल की पुष्टि हुई है. 1475 संदिग्ध भी मिले हैं. इसके वाहकों की भी संख्या एक हजार से अधिक है. सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित लोगों को गुमला जिले में दिव्यांगता प्रमाण पत्र दिया जा रहा है.

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Sickle Cell Anaemia Screening in Gumla| गुमला, जगरनाथ : गुमला जिले में अब तक कुल 4.95 लाख लोगों की सिकल एनीमिया की जांच की गयी. इसमें 364 लोगों में सिकल सेल एनीमिया की पुष्टि हुई. 1,749 लोग इसके वाहक पाये गये, तो जांच में 1,475 संदिग्ध मिले. सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित मरीजों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र दिया जा रहा है, ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें. साथ ही मरीजों को हाइड्रॉक्सीयूरिया उपचार की सुविधा भी दी जा रही है. इस समय 158 मरीज प्रशासन की इस पहल से लाभान्वित हो रहे हैं.

1 नवंबर 2023 को हुई सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन की शुरुआत

गुमला के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के नेतृत्व में जिला प्रशासन सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन के लिए निरंतर प्रयासरत है. इस अभियान की शुरुआत 1 नवंबर 2023 को डुमरी प्रखंड के भगटीटोली हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर से हुई थी. इस पहल के तहत बसिया और बिशुनपुर प्रखंडों में 17 फरवरी 2025 तक 100 प्रतिशत लोगों की स्क्रीनिंग की गयी. बिशुनपुर प्रखंड की लक्षित आबादी 57,137 है. यहां विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह को पीएम जनमन योजना के तहत शत-प्रतिशत लोगों की स्क्रीनिंग की गयी.

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बसिया प्रखंड में हुई 69,579 लोगों की स्क्रीनिंग

बसिया प्रखंड की लक्षित आबादी 69,579 लोगों की स्क्रीनिंग की गयी. स्क्रीनिंग के बाद प्रभावित मरीजों के समुचित इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल में विशेष डे केयर सेंटर की स्थापना की गयी. यहां थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित बच्चों को बेहतर उपचार मिल रहा है. यह केंद्र जिला प्रशासन और एनजीओ द विशिंग फैक्ट्री के संयुक्त प्रयास से चल रहा है. जिला प्रशासन का लक्ष्य 30 अप्रैल 2025 तक पूरे जिले में 100 प्रतिशत स्क्रीनिंग का है. इसके लिए प्रखंड और पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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