गुमला: ग्रामीणों ने शिवालया कंपनी को चेताया, कहा- जबरन सड़क बनाई तो हाईकोर्ट जाएंगे

Author :Sweta Vaidya
Published by :Sweta Vaidya
Updated at :13 May 2026 2:19 PM
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गुमला: ग्रामीणों ने शिवालया कंपनी को चेताया, कहा- जबरन सड़क बनाई तो हाईकोर्ट जाएंगे

Gumla News: भारतमाला सड़क निर्माण परियोजना को लेकर गुमला में विरोध तेज हो गया है. ग्रामीणों और टाना भगत समाज ने शिवालया कंपनी पर खेती योग्य जमीन पर जबरन सड़क निर्माण, धान की फसल बर्बाद करने और महिलाओं के साथ अभद्रता का आरोप लगाया है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें. 

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गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट 

Gumla News: भारत माला सड़क निर्माण परियोजना को लेकर गुमला जिले में चल रहे विवाद अब बड़ा जनआंदोलन बन गया है. शिवालया कंपनी पर जबरन खेती लायक जमीन पर सड़क बनाने का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने विरोध किया है. इस आंदोलन में महात्मा गांधी और जतरा टाना भगत के अनुयायी टाना भगत समाज के लोग भी शामिल हैं. टाना भगतों ने कहा है कि हम अपनी पूर्वजों की जमीन पर सड़क बनने नहीं देंगे.

कोलपारा-घट्ठा गांव में हुई अहम बैठक 

इधर, लटठा बरटोली गांव में लगातार गहरा रहे विवाद के बाद कोलपारा-घट्ठा गांव में एक अहम बैठक मंगलवार को हुई. ग्रामीणों, किसानों और आदिवासी नेताओं ने एकजुट होकर प्रशासन और शिवालया कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. बैठक में महिलाओं के साथ कथित अभद्रता, किसानों की फसल बर्बाद करने और बिना सहमति जबरन सड़क निर्माण कार्य कराने के आरोपों को लेकर जमकर नाराजगी जताई गई. शिवालया कंपनी के खिलाफ उग्र आंदोलन करने और हाईकोर्ट में केस करने का निर्णय लिया गया. 

ग्राम प्रधान ने लगाया जबरन निर्माण का आरोप 

बैठक की अगुवाई ग्राम प्रधान टिपरु मुंडा ने की. उन्होंने कहा कि गांव के किसानों ने अपनी जमीन पर धान की बुआई की थी और फसल की सुरक्षा के लिए खेतों की घेराबंदी भी की गयी थी. इसके बावजूद 11 मई को भारतमाला सड़क निर्माण परियोजना से जुड़ी शिवालया कंस्ट्रक्शन कंपनी के लाइजिंग मैनेजर दिगंबर सिंह अपने कर्मचारियों और भारी मशीनों के साथ गांव पहुंचे और खेतों में जबरन निर्माण कार्य शुरू करा दिया. टिपरु मुंडा ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान किसानों की धान लगी फसल को रौंद दिया गया. जब महिला जमीन मालिकों और ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया. इस घटना से पूरे गांव में आक्रोश फैल गया है. बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने कहा है कि प्रशासन किसानों की समस्याओं को सुनने के बजाय कंपनी के पक्ष में खड़ा नजर आ रहा है.

लोगों ने लगाया आरोप 

बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने कहा है कि प्रशासन किसानों की समस्याओं को सुनने के बजाय कंपनी के पक्ष में खड़ा नजर आ रहा है. लोगों ने आरोप लगाया है कि बिना उचित मुआवजा दिए और ग्रामीणों की सहमति लिए जबरन जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है. बैठक में कई आदिवासी नेताओं ने भी हिस्सा लिया. आदिवासी महिला नेता ज्योति एक्का ने कहा है कि यह आदिवासी जमीन, सम्मान और अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला है. अगर ग्रामीणों की बात नहीं सुनी गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

ग्रामीण अब कानूनी लड़ाई लड़ेंगे: ग्राम प्रधान

ग्राम प्रधान टिपरु मुंडा ने साफ कहा कि जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए ग्रामीण अब कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. उन्होंने घोषणा किया कि इस मामले को लेकर जल्द हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा. साथ ही महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार और जातिसूचक व्यवहार के मामले को मुख्यमंत्री तथा एसटी-एससी आयोग तक पहुंचाकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जायेगी. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जब तक किसानों को उचित मुआवजा, फसल नुकसान की भरपाई और न्याय नहीं मिलता. तब तक गांव में निर्माण कार्य का विरोध जारी रहेगा. भारत माला परियोजना को लेकर कोलपारा-घट्ठा गांव में बढ़ता यह विरोध अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. ग्रामीणों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति लगातार गहराती दिख रही है.

गांव वालों से डीसी मिलना नहीं चाहते: ग्रामीण

गांव की काजल कुमारी ने कहा है कि खेती योग्य जमीन पर जबरन सड़क बनाने के विरोध के बाद गांव के लोगों ने कई बार गुमला उपायुक्त से मिलने का प्रयास किया. लेकिन भारत माला सड़क की बात आते ही डीसी हमलोगों से मिलना नहीं चाहते हैं.

अधिकारी पहुंचे गांव, समझाने का प्रयास

इधर, गांव की तनाव व उग्र माहौल को देखते हुए डीसी के निर्देश पर मंगलवार को प्रशासन की एक टीम गांव पहुंचा. जहां गांव में सड़क निर्माण को लेकर चल रहे विवाद को अधिकारियों ने समझने का प्रयास किया. साथ ही ग्रामीणों से शांतिपूर्ण तरीके से बात की.

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श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. पिछले करीब दो महीनों से वे झारखंड बीट पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. इस दौरान वे राज्य से जुड़ी ताजा खबरों, लोगों से जुड़े मुद्दे और जरूरी जानकारियों पर आधारित स्टोरीज तैयार कर रही हैं. इससे पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर रोचक और उपयोगी आर्टिकल लिखे. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.

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