घाघरा के कई सहायक अध्यापकों का मानदेय रुका

घाघरा के कई सहायक अध्यापकों का मानदेय रुका
घाघरा. सहायक अध्यापक संघ घाघरा के संरक्षक दिलमेश्वर महतो ने कहा है कि घाघरा प्रखंड के सरकारी शिक्षक व सहायक अध्यापक के बीच शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों द्वारा भेदभाव किया जाता है. इसका ताजा उदाहरण है. जनवरी माह में बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर सहायक अध्यापक का मानदेय रोक दिया गया है, जो शिक्षक देर से आये थे. जबकि सरकारी शिक्षकों का न तो स्पष्टीकरण निकला और न ही वेतन रोका गया. जबकि सहायक अध्यापकों ने अपना स्पष्टीकरण सौंप दिया था. इस पर बीइओ को विचार करते हुए उनका आकस्मिक अवकाश काट लेना था या सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए एक मौका देना चाहिए था. इस विषम परिस्थिति में कम मानदेय पाने वाले लोगों पर ही कार्रवाई की जाती है. यह अपमानजनक है. अगर रोकना ही था तो सरकारी व सहायक शिक्षक दोनों का रोकना चाहिए था. दोनों ही शिक्षक सरकारी हो या सहायक एक ही छत के नीचे काम करते हैं. परंतु शोषण सहायक शिक्षकों के साथ ही होता है. सरकारी व सहायक शिक्षक का जनवरी का अटेंडेंस मिला लिया जाये. अगर सहायक शिक्षकों की उपस्थिति खराब है, तो हमें कोई आपत्ति नहीं होगी. मानदेय रुकने से बैंक का एमआइ बच्चों की स्कूल फीस व घर में खाने के लाले पड़ जायेंगे. उच्चाधिकारियों से आग्रह होगा कि मानदेय का भुगतान कराते हुए इस परिस्थिति से हमें बचायें.
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By Prabhat Khabar News Desk
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