Gumla Naxal News : बम ब्लास्ट के बाद जंगल में लोगों के अकेले जाने पर रोक, पशुओं को घने जंगल में चराने पर भी रोक

जंगल के अंदर पशुओं को चराने के लिए नहीं ले जाना है. ग्रामीणों ने यह निर्णय एक सप्ताह पहले रोरेद व मड़वा जंगल में बारूदी सुरंग विस्फोट की हुई घटना के बाद लिया है. रोरेद जंगल में नक्सलियों द्वारा बिछाये गये बारूदी सुरंग विस्फोट में सीआरपीएफ का जवान रॉबिन्स कुमार घायल हो गया था, जबकि रोरेद घटना के दो दिन बाद मड़वा गांव से सटे जंगल में बारूदी सुरंग विस्फोट हुआ था, जिसमें मड़वा गांव के युवक महेंद्र महतो का एक पैर बम से उड़ गया था.
Jharkhand News, Gumla News गुमला : जंगल में बारूदी सुरंग विस्फोट के बाद ग्रामीण अलर्ट हो गये हैं. जंगल से सटे गांव के ग्रामीणों ने बड़ा फैसला लिया है. अब गांव का कोई भी व्यक्ति अकेले जंगल नहीं घुसेगा. न ही घने जंगल के बीच पशुओं को चराया जायेगा. जंगल से जरूरतों को पूरा करने के लिए ग्रामीण समूह बना कर जंगल में घुसेंगे. समूह में तीन से अधिक लोग रहेंगे. बिना समूह के किसी को जंगल में नहीं घुसना है. इसके अलावा पशुओं को जंगल के मुहाना में ही चराने का निर्णय लिया गया.
जंगल के अंदर पशुओं को चराने के लिए नहीं ले जाना है. ग्रामीणों ने यह निर्णय एक सप्ताह पहले रोरेद व मड़वा जंगल में बारूदी सुरंग विस्फोट की हुई घटना के बाद लिया है. रोरेद जंगल में नक्सलियों द्वारा बिछाये गये बारूदी सुरंग विस्फोट में सीआरपीएफ का जवान रॉबिन्स कुमार घायल हो गया था, जबकि रोरेद घटना के दो दिन बाद मड़वा गांव से सटे जंगल में बारूदी सुरंग विस्फोट हुआ था, जिसमें मड़वा गांव के युवक महेंद्र महतो का एक पैर बम से उड़ गया था.
महेंद्र के अनुसार वह पशुओं को चराने जंगल गया था. इसके बाद उसका पैर बारूदी सुरंग में पड़ गया और उसका एक पैर उड़ गया था. इसके अलावा पुलिस ने कोचागानी जंगल से कुछ दिन पहले आइइडी बम भी बरामद किया था. यह बम जंगल में छिपाया हुआ था. इन घटनाओं को देखते हुए जंगल से सटे गांव के ग्रामीण दहशत में हैं.
ग्रामीण ज्योति कुमार ने कहा कि चैनपुर, कुरूमगढ़, गुमला, घाघरा थाना व कोटाम पुलिस पिकेट के अंतर्गत पड़ने वाले जंगल से सटे गांव के लोग जंगल में घुसने को लेकर अलर्ट हैं. गांव के लोगों ने निर्णय लिया है कि अब कोई भी ग्रामीण अकेले जंगल में प्रवेश नहीं करेगा. न घने जंगलों के बीच पशुओं को चराने ले जायेगा.
मड़वा गांव से सटे जंगल में बारूदी सुरंग में महेंद्र महतो का पैर उड़ गया था. ग्रामीणों ने तर्क दिया है कि समय पर उसके परिवार को पता चल गया, जिस कारण घायल को अस्पताल में लाकर भर्ती कराया गया. इसके बाद गुमला पुलिस ने घायल के इलाज में मदद की, जिससे महेंद्र की जान बच गयी. अगर तत्काल में उसकी मदद नहीं होती, तो उसकी जान भी जा सकती थी.
जंगलों में बारूदी सुरंग विस्फोट की घटना के बाद गुमला व लोहरदगा जिला की पुलिस अलर्ट हो गयी है. क्योंकि गुमला से पहले लोहरदगा जिला में भी जंगल में बारूदी सुरंग विस्फोट हुआ है, जिसमें एक जवान की मौत हो गयी थी. अलग-अलग घटनाओं में ग्रामीण घायल हुए हैं. एक ग्रामीण की मौत भी हो चुकी है. इसके बाद इन दोनों जिला की पुलिस ने ग्रामीणों से जंगलों में बम बिछे होने की सूचना देने की अपील की है. साथ ही नक्सलियों के मूवमेंट के बारे में भी सूचना देने के लिए कहा है, ताकि नक्सली घटनाओं को पुलिस रोक सके.
गुमला थानेदार मनोज कुमार ने मड़वा गांव में आइइडी विस्फोट से महेंद्र महतो के पैर उड़ने के बाद गुरुवार को उसके गांव के दोस्त रमेश महतो को थाना बुला कर घायल की जानकारी ली. थानेदार ने कहा कि रमेश महतो खुद थाना आकर महेंद्र महतो के इलाज की जानकारी दी है. रांची में पुलिस की निगरानी में इलाज के बाद महेंद्र की स्थिति ठीक है. गुमला के जंगल में बारूदी सुरंग विस्फोट के बाद ग्रामीण अलर्ट तथा Breaking News in Hindi से अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ.
Posted By : Sameer Oraon
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