गुनी गांव का बताया जा रहा मारा गया नक्सली लगी थी दो गोली, सर्च ऑपरेशन में जुटी पुलिस

Chhattisgarh Naxal Encounter
हालांकि गुमला के पुलिस अधीक्षक एचपी जनार्दनन ने कहा है कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि मारा गया नक्सली लोहरदगा जिला के सेरेंगदाग थाना के गुनी गांव का रहनेवाला है. पुलिस गुनी गांव में उसके घर की खोजबीन कर रही है. परिवार मिलेगा. तभी पता चलेगा कि नक्सली कौन था और क्या नाम था.इधर, पुलिस अधिकारी ने पोस्टमार्टम कर्मी को निर्देश दिया है कि अगर नक्सली की पहचान करने कोई सुराग मिले तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें.
गुमला : चैनपुर प्रखंड के मरवा, कुटवां, केरागानी, रोरेद, पतगच्छा जंगल में बुधवार को भी भाकपा माओवादियों की तलाश में गुमला पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया. पुलिस को अभी भी नक्सलियों के इन्हीं जंगलों में होने की सूचना है. इसलिए पुलिस भी इन इलाकों पर नजर रखे हुए हैं. पुलिस फोर्स जंगलों में घुस कर नक्सलियों को खोज रही है. इधर, मारे गये नक्सली की पहचान नहीं हुई है.
हालांकि गुमला के पुलिस अधीक्षक एचपी जनार्दनन ने कहा है कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि मारा गया नक्सली लोहरदगा जिला के सेरेंगदाग थाना के गुनी गांव का रहनेवाला है. पुलिस गुनी गांव में उसके घर की खोजबीन कर रही है. परिवार मिलेगा. तभी पता चलेगा कि नक्सली कौन था और क्या नाम था.इधर, पुलिस अधिकारी ने पोस्टमार्टम कर्मी को निर्देश दिया है कि अगर नक्सली की पहचान करने कोई सुराग मिले तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें.
पोस्टमार्टम में नक्सली के शरीर में दो गोली फंसा हुआ मिला था, जिसे निकाल दिया गया. मरवा जंगल में पुलिस व माओवादियों के बीच मुठभेड़ में एक अज्ञात माओवादी का शव पुलिस ने सोमवार को बरामद किया था. जिसे गुमला लाया गया. मंगलवार की सुबह 11.15 बजे उसके शव को पुलिस प्रशासन द्वारा सदर अस्पताल गुमला में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. जहां नक्सली की पहचान नहीं होने पर उसे 72 घंटे के लिए शव को सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम गृह में रखने का निर्देश है.
वहीं अज्ञात माओवादी के शव का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल के तीन चिकित्सीय दल ने किया. जिसमें डॉक्टर सुनील किस्कू, डॉक्टर मनोज सुरीन व डॉक्टर आनंद किशोर उरांव थे. मजिस्ट्रेट महेंद्र रविदास के नेतृत्व में शव का वीडियोग्राफी भी करायी गयी. पुलिस प्रशासन के निर्देश पर शव की डीएनए जांच के लिए शरीर के अंग को जब्त किया गया है. उसके कपड़े को भी जब्त कर सुरक्षित रखा गया है.
गुमला के पुलिस अधीक्षक एचपी जनार्दनन ने प्रेस कांफ्रेंस कर मुठभेड़ की पूरी घटनाक्रम की जानकारी दी. एसपी ने बताया कि 30 मई की रात को सूचना मिलने के बाद एएसपी बीके मिश्रा के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया. जिसमें कोबरा, सीआरपीएफ व झारखंड जगुवार के जवानों को शामिल किया गया. सभी टीम अलग-अलग दिशा पर अभियान चलाते हुए मरवा जंगल के समीप पहुंची. जहां कोबरा के जवानों के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ हुई. नक्सली मिनी कैंप लगा कर बैठक कर रहे थे.
वे लोग किसी घटना को अंजाम देने वाले थे. परंतु कोबरा ने मुठभेड़ में एक नक्सली को मार गिराया. बाकी नक्सली भागने लगे. तीन अन्य नक्सलियों को भी गोली लगने की सूचना है. घायल नक्सलियों का किस गांव में इलाज हो रहा है. पुलिस इसका पता कर रही है. एसपी ने बताया कि सोमवार को मरवा जंगल के बाद कुटवां जंगल में भी माओवादियों से मुठभेड़ हुई थी. पुलिस इलाके को नक्सलमुक्त बनाने के लिए निकल गयी है. नक्सली बुद्धेश्वर उरांव के साथ 10 से 12 सदस्य हैं. एसपी ने कहा कि अब माओवादी चोर पार्टी बन गयी है. इनका काम विकास योजनाओं से लेवी वसूलना है.
Posted By : Sameer Oraon
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