शॉर्ट सर्किट से विद्यासागर बुक डिपो में लगी आग, आठ लाख रुपये के पुस्तकें जलकर राख

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2 गुम 5 में दुकान जलकर खत्म हो गया | Prabhat Khabar Network

2 गुम 5 में दुकान जलकर खत्म हो गया | Prabhat Khabar Network

गुमला के विद्यासागर बुक डिपो में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। आठ लाख की किताबें जलकर राख हुईं, स्थानीय लोगों ने परिवार की जान बचाई।

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गुमला: गुमला शहर के पालकोट रोड स्थित विद्यासागर बुक डिपो में रविवार की सुबह करीब 5.00 से 6.00 बजे के बीच शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गयी. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया. बताया जा रहा है कि करीब आठ लाख रुपये की पुस्तकें जलकर राख हो गयी.

उस समय दुकान संचालक श्रवण कुमार अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों के साथ दुकान के अंदर मौजूद थे. चूंकि बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता दुकान से होकर जाता था. इसलिए आग की लपटों के बीच पूरा परिवार अंदर ही फंस गया. हालात गंभीर होते देख परिवार के सदस्य किसी तरह छत पर पहुंचे और वहीं से मदद की गुहार लगायी.

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट गये. लोगों ने बिना किसी इंतजार के दुकान का शटर तोड़कर अंदर पहुंचने का प्रयास किया और टुलू मशीन व सिंटेक्स पाइप की मदद से लगातार पानी डालकर आग बुझाने में जुट गये. करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका.

हालांकि तब तक दुकान में रखी किताबें, कॉपियां, स्टेशनरी और अन्य सामान पूरी तरह जलकर राख हो चुके थे. दुकान संचालक श्रवण कुमार के अनुसार इस अग्निकांड में लगभग आठ लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है. दमकल की देरी पर भड़के लोग घटना की सूचना मिलने के बावजूद अग्निशमन विभाग की गाड़ी करीब डेढ़ घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची. इसे लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली. लोगों ने दमकल कर्मियों से जवाब-तलब करते हुए आरोप लगाया कि यदि टीम समय पर पहुंच जाती तो नुकसान काफी कम हो सकता था. उन्होंने अग्निशमन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. इधर, सूचना पर सदर थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है. गनीमत रही कि घटना सुबह के समय हुई. यदि यही आग देर रात लगती. जब पूरा परिवार गहरी नींद में होता, तो किसी बड़ी जनहानि या दर्दनाक हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता था. स्थानीय लोगों की तत्परता और साहस ने एक पूरे परिवार की जान बचा ली. जिसकी शहरभर में सराहना हो रही है.


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दुर्जय पासवान

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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