डंपिंग यार्ड बन गया है पथ निर्माण विभाग का कुड़ू में बना विश्रामागार, बदहाली पर बहा रहा आंसू
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 10 Aug 2021 1:05 PM
पोस्ट ऑफिस के समीप है जलजमाव. 20 लाख की लागत से पथ निर्माण विभाग ने कराया गया था जीर्णोद्धार
कुड़ू. बारिश से नालियों की गंदगी व बस स्टैंड के होटलों से निकलने वाली गंदगी के जमा होने का पथ निर्माण विभाग का विश्रामागार डंपिंग यार्ड बन गया है. विश्रामागार आज गंदगी से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. पिछले दो माह पहले लगभग 20 लाख की लागत से पथ निर्माण विभाग के विश्रामागार का जीर्णोद्धार कराया गया है. रख-रखाव व केयर टेकर का नहीं होना, बस स्टैंड से पानी निकासी का साधन नहीं होने से पथ निर्माण विभाग का विश्रामागार बदहाल होते जा रहा है.
बताया जाता है कि पथ निर्माण विभाग द्वारा पांच दशक पहले विश्रामागार का निर्माण कराया गया था. पथ निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस की रखवाली के लिए कल्लू मियां केयर टेकर थे. कल्लू मियां के सेवानिवृत्त होने के बाद पथ निर्माण विभाग ने केयर टेकर की प्रतिनियुक्ति नहीं की. नतीजा गेस्ट हाउस बद से बदतर हालत में पहुंच गया. गेस्ट हाउस की बदहाली के बाद सूबे के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव के आदेश पर दो माह पहले 20 लाख की लागत से जीर्णोद्धार कार्य कराया गया.
इसमें गेस्ट हाउस की मरम्मत, पेयजल के लिए डीप बोरिंग, चारदीवारी की उंचाई से लेकर साफ-सफाई तथा मुख्य गेट से गेस्ट हाउस तक पेबर ब्लाॅक सड़क निर्माण शामिल था. जीर्णोद्धार के एक माह बाद ही बारिश ने गेस्ट हाउस को बदरंग कर दिया. बस स्टैंड की गंदगी, होटलों से निकलने वाले जूठे दोना पत्तलों से लेकर नालियों की गंदगी गेस्ट हाउस में प्रवेश कर रही है. गेस्ट हाउस गंदगी फेंकने का डंपिंग यार्ड बन गया है.
बताया जाता है कि पथ निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर सूबे के प्रथम विधानसभा अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी समेत अविभाजित बिहार सरकार के कई मंत्री तथा पथ निर्माण विभाग के सचिव से लेकर कई अधिकारियों ने रात गुजारी है. वर्तमान सूरते हाल यह है कि गेस्ट हाउस का हाल-बेहाल है. इस संबंध में सीओ प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है. मामले की जांच कराते है कि कैसे गंदगी गेस्ट हाउस में फेंकी जा रही है. पथ निर्माण विभाग से बात करते हुए अंचल कार्यालय के अधीन देख-रेख के लिए लेने का प्रयास किया जायेगा.
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