15 दिनों के अंदर सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो फिर करेंगे आंदोलन

Updated at : 22 Apr 2025 9:47 PM (IST)
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15 दिनों के अंदर सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो फिर करेंगे आंदोलन

अधिकारियों के झूठे वादे के खिलाफ ग्रामीणों ने सात घंटे जाम रखा नेतरहाट-रांची मार्ग

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बिशुनपुर. बिशुनपुर प्रखंड मुख्यालय से हाड़ुप तक 14 किमी कच्ची व पथरीली पहाड़ी सड़क आजादी के 77 साल बाद भी नहीं बनी. वहीं ग्रामीण भी वर्षों से सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं. यहां तक कि हर चुनाव में वोट बहिष्कार भी कर चुके हैं. परंतु अधिकारियों व नेताओं के आश्वासन के बाद लोग वोट डालते आये हैं. 2024 के चुनाव में भी इस शर्त पर ग्रामीणों ने वोट डाला था कि सड़क बनेगी, परंतु प्रशासन अपने वादों से मुकर गया. इससे बाद आक्रोशित ग्रामीण मंगलवार को बिशुनपुर की मुख्य सड़क पर उतर नेतरहाट व रांची मार्ग को सात घंटों तक जाम रखा. बिशुनपुर के बीडीओ ने आश्वासन दिया है कि सड़क पर जल्द काम शुरू होगा. इधर ग्रामीणों ने प्रशासन को चेताया है कि अगर 15 दिन के अंदर सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो पुन: उग्र आंदोलन के लिए सड़क पर उतरेंगे.

नारेबाजी करते ब्लॉक गेट तक पहुंचे ग्रामीण

सड़क बनाने की मांग को लेकर स्लोगन का तख्ती लिए केंद्र व राज्य सरकार के तमाम नेता होश में आओ नारा लगाते हुए ग्रामीण बिशुनपुर ब्लॉक गेट पहुंचे. इसके बाद सड़क पर बैठ कर एनएच जाम कर दिया. इधर, जाम की सूचना मिलते बीडीओ सुलेमान मुंडरी, सीओ शेखर वर्मा व थानेदार राकेश कुमार सिंह जाम को हटवाने का काफी प्रयास किया. परंतु ग्रामीण अपनी बातों में अड़े रहे कि जबतक हमलोगों को लिखित में आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक हम जाम नहीं हटायेंगे. ग्रामीणों ने कहा है कि आजादी के 77 वर्ष बीत जाने के बाद भी सेरका पंचायत के पूर्वी पठार क्षेत्र में सड़क का निर्माण नहीं हो सका है. मुख्यालय से हाड़ुप तक सड़क निर्माण मांग को लेकर पिछले लोकसभा चुनाव में ग्रामीणों ने वोट बहिष्कार का एलान किया था. ग्रामीणों को समझाने में प्रशासन को एड़ी चोटी एक करनी पड़ी थी. ग्रामीणों के अनुसार प्रशासन द्वारा आश्वासन में कहा गया था कि सड़क निर्माण के कार्य प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गयी है. मार्च 2024 तक आपलोगों की सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया जायेगा. परंतु सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ.

गुमला में जन-मन योजना फेल : बौद्धा बृजिया

ग्रामीण बौद्धा बृजिया ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा जन-मन योजना के अंतर्गत सभी आदिम जनजाति गांव तक सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य आदि बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सीधा पीटीजी परिवारों से बात की थी, जिससे हमलोगों को काफी उम्मीद थी सड़क बनेगी और विकास होगा. परंतु बाकी सरकारी योजनाओं की तरह आदिम जनजातियों के विकास के लिए प्रधानमंत्री द्वारा चलाये गये जन-मन योजना भी हमलोगों के क्षेत्र में महज दिखावा साबित हो रहा है. मंजीता देवी ने कहा कि सरकार हमारे राज्य की हो या फिर केंद्र की निश्चित रूप से हमलोगों को ठगने का काम कर रही है. सिर्फ आश्वासन देकर अपना काम निकाला जा रहा है. जब तक प्रशासन हमलोगों को लिखित आवेदन नहीं देता है, तब तक हमलोग सड़क पर डटे रहेंगे.

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