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बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति : सचिव

Updated at : 20 Dec 2025 10:01 PM (IST)
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बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति : सचिव

बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति : सचिव

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गुमला. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रशासन गुमला एवं लोहरदगा ग्राम स्वराज संस्थान गुमला के संयुक्त तत्वावधान में बाल विवाह से संबंधित एक दिवसीय कार्यशाला हुई. जिला विधिक सेवा प्राधिकार गुमला के सचिव राम कुमार लाल गुप्ता ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है. बाल विवाह कानूनी रूप से प्रतिबंधित होने के बावजूद लड़के-लड़कियों को प्रभावित करती है. इस प्रथा के गंभीर परिणाम होते हैं. बाल विवाह होने पर बाल विवाह का आयोजन करने वाले सभी लोग कानूनी रूप से दोषी माने जाते हैं. उन्हें जेल व जुर्माना भी हो सकता है. बाल विवाह होने की सूचना मिले, तो टोल फ्री नंबर 1098 पर कॉल करें. स्थायी लोक अदालत के सदस्य शंभू सिंह ने कहा कि बाल विवाह सामाजिक कुरीतियों में से एक है, जिसे हमें जड़ से समाप्त करना होगा. इसके लिए लोगों को जागरूक करना होगा. लोगों को बताना होगा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है. समाज पर भी इसका बुरा असर पड़ता है. शादी होने वाले बच्चों की पढ़ाई रुक जाती है. बच्ची जल्दी मां बन जाती है, जिसमें मां व बच्चों दोनों रोग ग्रस्त हो जाते हैं. बाल संरक्षण पदाधिकारी अमर कुमार ने कहा कि आप हमें बाल-विवाह होने का सूचना देंगे, तो हम तुरंत उच्च पदाधिकारी से मिल कर बाल-विवाह को रोकेंगे. उसका पुनर्वास की व्यवस्था करेंगे. लोहरदगा ग्राम स्वराज संस्थान गुमला के को-ऑर्डिनेटर मिथिलेश कुमार पांडे ने कहा कि हमारा संस्थान बाल विवाह रोकने के लिए कार्य कर रहा है. हमें आप बाल विवाह का सूचना देंगे, तो हम बाल विवाह रोकने की हर कोशिश करेंगे. मौके पर सुषमा देवी, चाइल्ड लाइन के कोऑर्डिनेटर रिजवान हुसैन, पीएलवी नीलम लकड़ा, जरीना खातून, राजेश सिंह, नवीन साहू, नवीन भगत, प्रेम कुमार शाह, गौतम सिंह, डीएन ओहदार, सुधीर पांडे, जया सेन गुप्ता आदि उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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