भारत माला सड़क का किया गया विरोध

Updated at : 19 Feb 2025 9:13 PM (IST)
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भारत माला सड़क का किया गया विरोध

आदिवासी मूलवासी मजदूर बचाव संघर्ष समिति की बैठक

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कामडारा. भारत माला सड़क निर्माण परियोजना में भूमि अधिग्रहण के विरोध में बुधवार को बाकुटोली बाजारटांड़ में जमीन रैयतों के साथ आदिवासी मूलवासी किसान मजदूर बचाव संघर्ष समिति की बैठक हुई. अध्यक्षता जकरियस केरकेट्टा ने की. बैठक में प्रदेश संयोजक अजीत गुड़िया ने प्रभावित गांव के रैयतों से कहा कि अपनी जमीन बचानी है, तो आंदोलन करना होगा. वहीं रैयतों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि अगर सरकार द्वारा एनओसी रैयतों से लिया जायेगा, तो एनओसी नहीं देना है. बैठक में कई वक्ताओं ने अपने विचार रखें. मौके पर शशिकांत भगत, अमरजीत डंगवार, मनोहर टोपनो, दाऊद होरो, विमल होरो, जसिंता केरकेट्टा, बेरोनिका केरकेट्टा, पौलिना केरकेट्टा मौजूद थे.

आरसी प्रावि उर्मी में की गयी तालाबंदी को प्रशासन ने खुलवाया

गुमला. गुमला शहर से पांच किमी दूर डुमरडीह अरमई स्थित आरसी प्राथमिक विद्यालय उर्मी में बुधवार को जमकर बवाल हुआ. उक्त विद्यालय में सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर जमीन दाताओं ने 17 फरवरी को स्कूल में तालाबंदी कर दी थी. इस कारण तीन दिनों से स्कूल में पढ़ाई पूरी तरह से बाधित थी. इधर विद्यालय खुलवाने की मांग को लेकर सैकड़ों ग्रामीण स्कूल में जुट गये और विद्यालय खुलवाने की मांग की. स्कूल बंद होने की सूचना पर बुधवार को अल्पसंख्यक विद्यालय के इंस्पेक्टर फादर जेफरीन तिर्की स्कूल पहुंच पुलिस को बुलाया. इसके बाद पुलिस के हस्तक्षेप पर स्कूल का ताला खोला गया और पढ़ाई चालू हुई. फादर जेफरीन तिर्की ने बताया कि वर्ष 1936 में विद्यालय की स्थापना हुई थी और 1964 में स्कूल को अल्पसंख्यक स्कूल का दर्जा दिया गया. स्कूल निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने जमीन दान दी थी. इसके बाद जमीन दाताओं के बच्चों को स्कूल में नि:शुल्क शिक्षा दी जा रही है. साथ ही नौकरी भी दी गयी है. लेकिन जमीन दाता स्कूल में सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे हैं. जमीन दाता के वंशज मेरी अनिट मिंज ने कहा कि मैं अपने हक व अधिकार की आवाज उठायी हूं. मुझे विद्यालय में सरकारी नौकरी चाहिए. उर्मिला मिंज ने कही कि हमारे पूर्वज की जमीन है. इसलिए हमें हमारा हक चाहिए. वहीं अभिभावक विनय प्रकाश बाड़ा ने कहा कि जिसकी जो मांग है, वह प्रशासन के पास रखे. स्कूल को बंद नहीं करें. इससे बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है.

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